फल व सब्जियों का अंतराष्ट्रीय वर्ष घोषित हुआ 2021

Rajesh Pandey

संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2021 को फल व सब्ज़ियों का अन्तरराष्ट्रीय वर्ष घोषित किया है। इस अवसर पर टिकाऊ खाद्य उत्पादन बढ़ाने और खाद्य पदार्थों को कूड़े-कचरे में तब्दील होने से रोकने के लिए और ज़्यादा प्रयास करने का भी आह्वान किया गया। यह अभियान पोषण और खाद्य सुरक्षा में फल व सब्ज़ियों की बहुत अहम भूमिका के बारे में जानकारी बढ़ाने के इरादे से शुरू किया गया है।

संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने इस अभियान की शुरुआत के मौक़े पर कहा कि फलों और सब्ज़ियों के अनगिनत फ़ायदों के बावजूद, हम अभी उनका उपभोग भरपूर मात्रा में नहीं करते हैं। फल और सब्ज़ी एक स्वस्थ और भिन्नता वाली ख़ुराक का अटूट हिस्सा हैं।

 फल और सब्ज़ियाँ, मानव स्वास्थ्य के लिए भरपूर मात्रा में पोषक तत्व मुहैया कराते हैं। उनकी रोग प्रतिरोधी क्षमता मज़बूत करते हैं और अनेक बीमारियों का ख़तरा कम करने में भी मदद करते हैं।

उन्होंने आह्वान किया कि खाद्य प्रणालियों को और ज़्यादा समावेशी, मज़बूत व लचीली और टिकाऊ बनाएँ, जिसमें उत्पादन व खपत के लिए ऐसी सम्पूर्ण व व्यापक दायरे वाले तरीक़े अपनाएं, जिससे इनसानों और पर्यावरण, दोनों के स्वास्थ्य के लिये फ़ायदा हो।

महासचिव ने कहा, “आइये, अन्तरराष्ट्रीय वर्ष को, हम ये सोचने के लिए एक अवसर के रूप में इस्तेमाल करें कि खाद्य पदार्थों का जो उत्पादन और उनका उपभोग करते हैं, उसके बीच क्या सम्बन्ध है।

फल व सब्ज़ियों का भरपूर मात्रा में उपभोग करने से अनेक तरह के स्वास्थ्य और पोषण फ़ायदे होते हैं। फल व सब्ज़ियाँ फ़ाइबर, विटामिन और ऐसे खनिज पदार्थों से भरपूर होते हैं जो बच्चों की बढ़त और विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। साथ ही ये उनकी रोग प्रतिरोधी क्षमता भी मज़बूत करते हैं।

फल व सब्ज़ियाँ खाने से डिप्रेशन यानि अवसाद और चिन्ता, मोटापे और ग़ैर-संचारी बीमारियों का भी बहुत कम जोखिम होता है, इन्हें खाने से पेट अच्छा रहता है और बारीक पोषक तत्वों की कमी होने से बचने में मदद मिलती है।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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