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हरिद्वार पहुंचे हरीश रावत, भगवान शिव का जलाभिषेक किया

देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को श्री केदारनाथ धाम में भगवान केदारनाथ जी की पूजा अर्चना की, वहीं अपनी पूर्व घोषणा के अनुसार, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शुक्रवार को हरिद्वार में भगवान शिव का जलाभिषेक किया। रावत ने पूर्व में ही पांच नवंबर को कांग्रेस कार्यकर्ताओं से भी शिवालयों में जलाभिषेक करने का आह्वान किया था।

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, भगवान केदारनाथ की जय।

आज मैं हरिद्वार में भगवान शिव का जलाभिषेक करूंगा, उसके बाद का मेरा दिन किसानों को समर्पित होगा और उसकी शुरुआत गौ माता को भोग लगाकर फिर लक्सर  में, मैं चीनी मिल के सामने किसानों के कुछ सवालों को, जिनमें धान की खरीद ठीक से न होना, गन्ने का खरीद मूल्य घोषित होने में हो रहे विलंब, पिराई सत्र घोषित करने में हो रहे विलंब और इकबालपुर चीनी के लोगों का बकाया का भुगतान न होना और खाद मिलने में हो रही दिक्कत जैसे मुद्दों को मैं आगे लाऊंगा।

उससे पहले मैं अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष माननीय रविंद्र पुरी जी महाराज के श्रीचरणों में प्रणाम करने भी जाऊंगा।

पूर्व मुख्यमंत्री रावत ने हरिद्वार के तिलभांडेश्वर मंदिर में जलाभिषेक किया।

वहीं उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी जारी किया है, जो उनके श्रीकेदारनाथ धाम भ्रमण का है।

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राजेश पांडेय, देहरादून (उत्तराखंड) के डोईवाला नगर पालिका के निवासी है। पत्रकारिता में  26 वर्ष से अधिक का अनुभव हासिल है। लंबे समय तक हिन्दी समाचार पत्रों अमर उजाला, दैनिक जागरण व हिन्दुस्तान में नौकरी की, जिनमें रिपोर्टिंग और एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में हिन्दुस्तान से मुख्य उप संपादक के पद से त्यागपत्र देकर बच्चों के बीच कार्य शुरू किया।   बच्चों के लिए 60 से अधिक कहानियां एवं कविताएं लिखी हैं। दो किताबें जंगल में तक धिनाधिन और जिंदगी का तक धिनाधिन के लेखक हैं। इनके प्रकाशन के लिए सही मंच की तलाश जारी है। बच्चों को कहानियां सुनाने, उनसे बातें करने, कुछ उनको सुनने और कुछ अपनी सुनाना पसंद है। पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।  अपने मित्र मोहित उनियाल के साथ, बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से डेढ़ घंटे के निशुल्क स्कूल का संचालन कर रहे हैं। इसमें स्कूल जाने और नहीं जाने वाले बच्चे पढ़ते हैं। उत्तराखंड के बच्चों, खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से ई पत्रिका का प्रकाशन करते हैं।  बाकी जिंदगी की जी खोलकर जीना चाहते हैं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता - बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक और एलएलबी, मुख्य कार्य- कन्टेंट राइटिंग, एडिटिंग और रिपोर्टिंग

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