
Bharat Vistar AI Platform for Farmers: खेती में एआई क्रांति का आगाज़, ‘भारतविस्तार’ पोर्टल और ‘भारती’ एआई से जुड़ेंगे किसान
Bharat Vistar AI Platform for Farmers: देहरादून, 17 फरवरी 2026: भारतीय कृषि को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाया गया। ICAR-भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान (IISWC), देहरादून के सेलाकुई स्थित अनुसंधान प्रक्षेत्र में एआई-पावर्ड डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) ‘भारतविस्तार’ के राष्ट्रीय शुभारंभ का सजीव प्रसारण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
Bharat Vistar AI Platform for Farmers: संस्थान के निदेशक डॉ. एम. मधु की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम ने स्थानीय किसानों को कृषि सेवाओं के लिए देश के पहले “सिंगल डिजिटल डोरवे” से रूबरू कराया।
Bharat Vistar AI Platform for Farmers: ‘भारत-विस्तार’ (कृषि संसाधनों तक पहुंचने के लिए वर्चुअली इंटीग्रेटेड सिस्टम) का आधिकारिक लॉन्च जयपुर में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने किया। यह प्लेटफॉर्म बिखरे हुए कृषि संसाधनों को एक सूत्र में पिरोने का काम करेगा।
एआई सहायक ‘भारती’ देगी हर सवाल का जवाब
इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी विशेषता इसकी एआई सहायक ‘भारती’ है। किसान अब सिर्फ एक मोबाइल ऐप या वेब इंटरफेस ही नहीं, बल्कि हेल्पलाइन नंबर 155261 पर कॉल करके भी ‘भारती’ से अपनी भाषा में बात कर सकेंगे। यह सुनिश्चित करता है कि तकनीक का लाभ उन किसानों तक भी पहुंचे जिनके पास केवल साधारण फीचर फोन हैं।
प्लेटफॉर्म की मुख्य खूबियाँ:
-
वैज्ञानिक सलाह: ICAR समर्थित वैज्ञानिक इनपुट और मौसम विभाग (IMD) का रियल-टाइम डेटा।
-
सरकारी योजनाएं: पीएम-किसान और पीएमएफबीवाई सहित 10 प्रमुख योजनाओं का एकीकरण।
-
मंडी भाव: एगमार्कनेट के माध्यम से फसलों की रियल-टाइम कीमतों की जानकारी।
-
क्षेत्रीय समर्थन: वर्तमान में हिंदी-अंग्रेजी के अलावा महाराष्ट्र, बिहार और गुजरात के लिए विशेष क्षेत्रीय सहयोग उपलब्ध है।
155 किसानों ने सीखा ऐप का उपयोग, देखा एग्री-ड्रोन का दम
सेलाकुई में आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्र के 155 किसानों ने हिस्सा लिया, जिनमें 40 महिला किसान भी शामिल थीं। संस्थान के विशेषज्ञों ने किसानों को अपने मोबाइल में ‘भारतविस्तार’ ऐप इंस्टॉल करने और उसे चलाने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।
इसके साथ ही, डॉ. एम. शंकर और मुदित मिश्रा ने कृषि क्षेत्र में ड्रोन के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डालते हुए ‘एग्री-ड्रोन’ का प्रैक्टिकल डेमोंस्ट्रेशन दिया। किसानों ने देखा कि कैसे ड्रोन के जरिए छिड़काव और फसलों की निगरानी को आसान बनाया जा सकता है।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. एम. शंकर ने किया। इस मौके पर संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. इंदु रावत, राकेश कुमार, अनिल कुमार चौहान, मंगल सिंह चौहान, सोनिया चौहान, बी. पी. जोशी, प्रवीण तोमर, प्रकाश सिंह, सुभाष कुमार सहित संस्थान के अन्य कर्मचारी और अधिकारी उपस्थित रहे।













