By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
Reading: Dr. M. Muruganandam ICAR-CIARI Port Blair: डॉ. एम. मुरुगानंदम ने सीआईएआरआई, पोर्ट ब्लेयर में कार्यभार ग्रहण किया
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7
Font ResizerAa
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
- Advertisement -
Ad imageAd image
NEWSLIVE24x7 > Blog > Agriculture > Dr. M. Muruganandam ICAR-CIARI Port Blair: डॉ. एम. मुरुगानंदम ने सीआईएआरआई, पोर्ट ब्लेयर में कार्यभार ग्रहण किया
AgricultureNews

Dr. M. Muruganandam ICAR-CIARI Port Blair: डॉ. एम. मुरुगानंदम ने सीआईएआरआई, पोर्ट ब्लेयर में कार्यभार ग्रहण किया

Rajesh Pandey
Last updated: January 1, 2026 6:54 pm
Rajesh Pandey
4 months ago
Share
Renowned scientist Dr. M. Muruganandam joins ICAR-CIARI Port Blair. With 30 years of experience from the Himalayas to the Islands, he aims to revolutionize coastal and island fisheries.
SHARE

Dr. M. Muruganandam ICAR-CIARI Port Blair: पोर्ट ब्लेयर, 01 जनवरी, 2026: देहरादून स्थित आईसीएआर–भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान (IISWC) के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एम. मुरुगानंदम ने 31 दिसंबर 2025 को पोर्ट ब्लेयर स्थित केन्द्रीय द्वीप कृषि अनुसंधान संस्थान (ICAR-CIARI) में मत्स्य विज्ञान प्रभाग के प्रमुख के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। यह नियुक्ति एक महत्वपूर्ण भौगोलिक और वैज्ञानिक परिवर्तन का प्रतीक है।

Dr. M. Muruganandam ICAR-CIARI Port Blair:डॉ. मुरुगानंदम अपने साथ उत्तराखंड के हिमालयी कृषि पारिस्थितिकी तंत्र का तीन दशकों का समृद्ध अनुभव लेकर अंडमान एवं निकोबार के नाजुक द्वीपीय पारिस्थितिकी तंत्र की सेवा में जुटे हैं।

Also Read: Fisheries potential in Uttarakhand: मत्स्य पालन उत्तराखंड में आजीविका और स्वरोजगार का नया उभरता केंद्रः डॉ. मुरुगानंदम

तीन दशकों का शानदार सफर:

Dr. M. Muruganandam ICAR-CIARI Port Blair: 1996 में एक युवा वैज्ञानिक के रूप में करियर शुरू करने वाले डॉ. मुरुगानंदम ने आईआईएसडब्ल्यूसी (IISWC) में करीब 30 वर्षों तक प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, मत्स्य पालन और पशुपालन आधारित आजीविका पर उल्लेखनीय कार्य किया। उन्होंने जलग्रहण प्रबंधन (Watershed Management) के ढांचे के भीतर मत्स्य पालन को एकीकृत कर राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाई। उनके द्वारा विकसित 10 से अधिक आजीविका मॉडलों से देशभर के लाखों किसान, विशेषकर जनजातीय समुदाय और महिला किसान लाभान्वित हुए हैं।

अंतरराष्ट्रीय अनुभव और नेतृत्व:

  • विजिटिंग साइंटिस्ट: वर्ष 2016 से 2018 के दौरान, संयुक्त राज्य अमेरिका के साउथ डकोटा स्टेट यूनिवर्सिटी में विजिटिंग साइंटिस्ट के रूप में उन्होंने भूमि उपयोग एवं भूमि आवरण परिवर्तन के आर्द्रभूमियों और जल गुणवत्ता पर प्रभावों का उन्नत भू-स्थानिक विश्लेषण (Advanced geospatial analysis of land-use and land-cover change impacts on wetlands and water quality) किया, जिससे उनके वैज्ञानिक प्रोफाइल को अंतरराष्ट्रीय आयाम मिला।

  • पुरस्कार: प्रतिष्ठित फुलब्राइट फेलोशिप सहित 30 से अधिक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित हैं।

  • संस्थागत विकास: उन्होंने सतर्कता अधिकारी, प्रेस नोडल अधिकारी और पीएमई इकाई के प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन किया।

संस्थान के निदेशक डॉ. जय सुंदर और समस्त वैज्ञानिक स्टाफ ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया है। उन्होंने कहा, आईसीएआर–सीआईएआरआई, पोर्ट ब्लेयर एवं अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह, डॉ. मुरुगानंदम की वैज्ञानिक गहराई, संस्थागत अनुभव और समावेशी विकास दृष्टि का लाभ उठाते हुए सतत द्वीपीय कृषि, मत्स्य तथा पारितंत्र-आधारित विकास में अपने योगदान को और सशक्त करने की आशा करता है।

सीआईएआरआई (CIARI) में नई भूमिका और विजन:

पोर्ट ब्लेयर में डॉ. मुरुगानंदम से समुद्री मत्स्य अनुसंधान, जैव विविधता संरक्षण और जलवायु-संवेदनशील आजीविका मॉडल को मजबूत करने की अपेक्षा है। कार्यभार ग्रहण करते समय उन्होंने कहा: “यह परिवर्तन केवल भौगोलिक बदलाव नहीं है, बल्कि जीवन भर के उद्देश्य को आगे बढ़ाने का माध्यम है। नाजुक द्वीपीय क्षेत्रों में वंचित समुदायों के साथ कार्य करना ही मेरी प्राथमिकता है।”

डॉ. मुरुगानंदम ने पोर्ट ब्लेयर में अपनी नई पारी की शुरुआत के साथ ही व्यापक सहयोग की इच्छा जताई है। वे NIOT, ZSI, RGCA, NIO और पुदुचेरी विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों के साथ मिलकर तटीय कृषि और मत्स्य विकास के लिए एक ‘साझा रोडमैप’ तैयार करने पर जोर देंगे।  इसके अतिरिक्त, आईसीएआर की संस्थाओं—जैसे आईसीएआर-सीएमएफआरआई, आईसीएआर-सीआईबीए, आईसीएआर-एनबीएफजीआर तथा पुदुचेरी सहित अन्य विश्वविद्यालयों एवं अनुसंधान संस्थानों के साथ सशक्त अभिसरण की परिकल्पना करते हैं, ताकि तटीय एवं द्वीपीय कृषि, मत्स्य विकास, जैव विविधता संरक्षण और सतत आजीविका विकास के प्रयासों को सामूहिक रूप से सुदृढ़ किया जा सके।

You Might Also Like

उत्तराखंड: चमोली में शिक्षक ने छात्रों से कार धुलवाई, निलंबित – जांच एक सप्ताह में
Delhi-Dehradun Economic Corridor: दिल्ली और देहरादून के बीच का सफर छह से लगभग ढाई घंटे हो जाएगा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल करेंगे आर्थिक गलियारे का उद्घाटन
Uttarakhand: सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट्स के लिए 23 मार्च को रोजगार मेला
पर्यावरण बचाओ आंदोलन देहरादून का सागर ताल से लेकर खलंगा तक वाक एंड टॉक कार्यक्रम
उत्तराखंड के मैदानी जिलों में सरकारी राशन की दुकानों पर मिलेगा मंडुआ
TAGGED:Andaman Nicobar AgricultureDr. M. MuruganandamFisheries ScienceFulbright Fellow.ICAR-CIARI Port BlairICAR-IISWC Dehradun
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Email Copy Link Print
ByRajesh Pandey
Follow:
newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
Previous Article 100 New Buses in Uttarakhand Transport Corporation: मुख्यमंत्री ने 100 नई बसों को दिखाई हरी झंडी
Next Article Uttarakhand High Court Group C Recruitment 2025: UKPSC ने हाईकोर्ट में समूह ‘ग’ के 24 पदों के लिए मांगे ऑनलाइन आवेदन
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://newslive24x7.com/wp-content/uploads/2026/04/CM-Dhami-4-Year-Journey-2026-2-Min-1.mp4

Sajani Pandey Editor newslive24x7.com

Prem Nagar Bazar Doiwala Dehradun
Prem Nagar Bazar Doiwala Dehradun Doiwala, PIN- 248140
9760097344
© 2026 News Live 24x7| Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?