Sustainable Fertilizer Coating System: आरसीएफ (RCF) की नई कोटिंग तकनीक से भारतीय कृषि में आएगी क्रांति

Rajesh Pandey

Sustainable Fertilizer Coating System: मुंबई, 17 जनवरी, 2026 – भारत की प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी, राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स (RCF) लिमिटेड को नवाचारी उर्वरक कोटिंग प्रणाली (innovative fertilizer coating system) के लिए एक महत्वपूर्ण पेटेंट प्राप्त हुआ है। यह अग्रणी तकनीक पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को कम करते हुए फसलों तक पोषक तत्व पहुँचाने के तरीके को बदलकर सतत कृषि (Sustainable Agriculture) के एक नए युग की शुरुआत करने का वादा करती है।

Sustainable Fertilizer Coating System: यह नई पेटेंट प्रणाली उर्वरकों से पोषक तत्वों के निकलने के पैटर्न (nutrient release patterns) में सुधार करने के लिए डिज़ाइन की गई है। पारंपरिक उर्वरकों से पोषक तत्व बहुत जल्दी निकल जाते हैं, जिससे पौधे उन्हें पूरी तरह सोख नहीं पाते। इसके परिणामस्वरूप पोषक तत्व बहकर जल निकायों में मिल जाते हैं, जिससे न केवल बहुमूल्य संसाधनों की बर्बादी होती है, बल्कि जल प्रदूषण (eutrophication) और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन जैसी पर्यावरणीय समस्याएं भी पैदा होती हैं।

Sustainable Fertilizer Coating System: आरसीएफ (RCF) की यह उन्नत कोटिंग एक ‘कंट्रोल्ड-रिलीज़’ तंत्र की तरह काम करती है। यह पोषक तत्वों को एक लंबी अवधि में धीरे-धीरे छोड़ती है, जो सीधे पौधे के विकास चक्र और उसकी विशिष्ट आवश्यकताओं के अनुरूप होता है। इस सटीक पोषक तत्व प्रबंधन से निम्नलिखित प्रमुख लाभ होने की उम्मीद है:

  • फसल की पैदावार में वृद्धि: पोषक तत्वों की निरंतर और अधिकतम आपूर्ति सुनिश्चित होने से पौधे अधिक मजबूत होते हैं, जिससे पैदावार (Crop Yields) बढ़ती है।

  • पर्यावरणीय बहाव में कमी: नियंत्रित रिसाव के कारण मिट्टी और पानी में अतिरिक्त पोषक तत्वों का जाना कम हो जाता है, जिससे खेती से होने वाले प्रदूषण (Environmental Runoff) में भारी कमी आती है।

  • उर्वरक दक्षता में सुधार: किसान कम संसाधनों में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकेंगे, जिससे उनकी लागत में बचत होगी।

  • सतत कृषि पद्धतियाँ: यह नवाचार पर्यावरण के अनुकूल और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देने के वैश्विक प्रयासों के साथ पूरी तरह मेल खाता है।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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