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“भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड-1064” एप लांच

मुख्यमंत्री धामी ने कहा, एप पर मिलने वाली शिकायतों का यथाशीघ्र निस्तारण किया जाए

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को सचिवालय में विजिलेंस विभाग के एप “भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड-1064” को लांच किया। उन्होंने सतर्कता विभाग के दो इन्स्पेक्टर को विवेचना करने के लिए टैबलेट भी प्रदान किए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि एप पर जो भी शिकायतें आती हैं, उनका यथाशीघ्र निस्तारण किया जाए। साथ ही, यदि किसी शिकायतकर्ता की शिकायत विजिलेंस से संबंधित नहीं है, तो उसे सीएम हेल्पलाइन एवं संबंधित विभाग को भेजा जाए।

उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और शिकायतकर्ता को शिकायतों के स्टेट्स अपडेट की पूरी जानकारी मिले। सीएम ने कहा, सतर्कता विभाग के अन्य कार्मिकों को भी विवेचना के लिए टैबलेट दिए जाएंगे। जन समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए सरलीकरण, समाधान, निस्तारण एवं संतुष्टि के सिद्धान्त पर कार्य किए जाएं। जन समस्याओं का समाधान सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री धामी ने निदेशक सतर्कता को निर्देश दिए कि भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड एप-1064 का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए। आम जन को इस एप की पूरी जानकारी हो। निदेशक सतर्कता अमित सिन्हा ने बताया, कि 1064 नम्बर व एप के माध्यम से कोई भी व्यक्ति शिकायत कर सकता है। यह नम्बर भारत सरकार से प्राप्त है। एप के माध्यम से प्रत्येक शिकायत रजिस्टर होगी, जिसका पूरा डाटा सुरक्षित रखा जाएगा। यह एप हिन्दी एवं अंग्रेजी दोनों भाषाओं में है।

इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ. एसएस.संधु, सचिव कार्मिक एवं सतर्कता अरविन्द सिंह ह्यांकी, एसपी रेनू लोहानी, सीओ सुरेन्द्र सिंह सामन्त, अनुषा बडोला, निरीक्षक मारूत शाह, विभा वर्मा आदि उपस्थित रहे।

Rajesh Pandey

राजेश पांडेय, देहरादून (उत्तराखंड) के डोईवाला नगर पालिका के निवासी है। पत्रकारिता में  26 वर्ष से अधिक का अनुभव हासिल है। लंबे समय तक हिन्दी समाचार पत्रों अमर उजाला, दैनिक जागरण व हिन्दुस्तान में नौकरी की, जिनमें रिपोर्टिंग और एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में हिन्दुस्तान से मुख्य उप संपादक के पद से त्यागपत्र देकर बच्चों के बीच कार्य शुरू किया।   बच्चों के लिए 60 से अधिक कहानियां एवं कविताएं लिखी हैं। दो किताबें जंगल में तक धिनाधिन और जिंदगी का तक धिनाधिन के लेखक हैं। इनके प्रकाशन के लिए सही मंच की तलाश जारी है। बच्चों को कहानियां सुनाने, उनसे बातें करने, कुछ उनको सुनने और कुछ अपनी सुनाना पसंद है। पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।  अपने मित्र मोहित उनियाल के साथ, बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से डेढ़ घंटे के निशुल्क स्कूल का संचालन किया। इसमें स्कूल जाने और नहीं जाने वाले बच्चे पढ़ते थे, जो इन दिनों नहीं चल रहा है। उत्तराखंड के बच्चों, खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से ई पत्रिका का प्रकाशन किया।  बाकी जिंदगी की जी खोलकर जीना चाहते हैं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता - बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक और एलएलबी, मुख्य कार्य- कन्टेंट राइटिंग, एडिटिंग और रिपोर्टिंग

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