By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
Reading: ऑस्ट्रेलिया की छह साल की वैज्ञानिक, प्रकाशित हो चुकी है रिसर्च
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7
Font ResizerAa
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
- Advertisement -
Ad imageAd image
NEWSLIVE24x7 > Blog > Featured > ऑस्ट्रेलिया की छह साल की वैज्ञानिक, प्रकाशित हो चुकी है रिसर्च
Featured

ऑस्ट्रेलिया की छह साल की वैज्ञानिक, प्रकाशित हो चुकी है रिसर्च

Rajesh Pandey
Last updated: April 20, 2020 5:37 pm
Rajesh Pandey
6 years ago
Share
यह फोटो- यूनिवर्सिटी ऑफ क्वींसलैंड की वेबसाइट से लिया गया है।
SHARE

छह साल की ग्रेस फुल्टन भी अन्य बच्चों की तरह खेलती हैं। कलरफुल फ्लावर्स के बीच अपने खिलौनों के साथ खेलना उनको खूब पसंद है। क्या आप जानते हैं कि वह आस्ट्रेलिया की सबसे कम आयु की वैज्ञानिक हैं, जो एक पब्लिश हुई रिसर्च टीम में शामिल हैं।

ग्रेस फुल्टन संभवतः ऑस्ट्रेलिया की सबसे युवा वैज्ञानिक हैं, जो उल्लू की दुर्लभ  प्रजातियों की रक्षा के अनुसंधान में शामिल हुईं। ग्रेस चार साल की थी, तब से अपने पिता, क्वींसलैंड विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक ग्राहम फुल्टन के साथ इस रिसर्च में सहयोग कर रही हैं।

यह रिसर्च उल्लू की प्रजातियों के बारे में महत्वपूर्ण डेटा इकट्ठा कर रही है। इनमें powerful, southern boobook, sooty and masked owls शामिल हैं। वैज्ञानिक फुल्टन का कहना है कि उन्हें खुशी है कि उनकी बेटी इन पक्षियों की रक्षा करने के लिए बहुत भावुक है, और वह प्रकृति के साथ रहना पसंद करती है। ग्रेस उल्लुओं को स्नेह करती हैं।

बताते हैं कि वह केवल चार साल की थी, जब उसने मेरे साथ वर्षावन में रात बिताना शुरू कर दिया था, और अब वह उनकी सभी आवाजों को पहचानती है। तब से वह देशभर में यात्रा कर रही है कि इन पक्षियों के निवास स्थान में गिरावट के रूप में क्या और कहाँ से पक्षी आ रहे हैं और क्या हो रहा है। वह एक प्रकाशित peer-reviewed scientific journal में एक शोध लेख की प्रमुख लेखक भी हैं।

ग्रेस का सबसे हालिया शोध दो साइट्स पर हुआ, एक उपनगरीय ब्रिस्बेन में अपने घर के करीब, और दूसरा शहर के बाहर माउंट ग्लोरियस के वर्षा वनों में।

उनके पिता बताते हैं कि ग्रेस और मैं जंगली उल्लू और अन्य निशाचर पक्षियों की तुलना करने के लिए उत्सुक थे, जो माउंट ग्लोरियस जैसे पत्तेदार, जंगली स्थानों की तुलना में घने शहरी क्षेत्रों में करते हैं। यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि ब्रिस्बेन उपनगर में उल्लुओं की कमी थी। माउंट ग्लोरियस के वर्षावन की तुलना में यह निवास स्थान उल्लुओं के लिए बहुत खराब है।

उन्होंने कहा कि सांप वास्तव में उनके दिल के करीब हैं,  वह उन्हें बुरा नहीं मानती, और निश्चित रूप से उन्हें छूने से डरती नहीं है। और अभी वह पूरी तरह से ब्रिस्बेन में तितलियों के प्रवास से रोमांचित है। हम भी जौंक के साथ खेलना पसंद करते हैं, क्योंकि वह सोचती है कि वे प्यारे हैं! जब से वह दो साल की थी, उसने कभी ‘क्यों’ पूछना बंद नहीं किया और मैं प्राकृतिक दुनिया के बारे में उसकी जिज्ञासा को बढ़ाने में मदद करने के लिए रोमांचित हूं। यह रिसर्च  Pacific Conservation Biology (DOI: 10.1071/PC19042) में पब्लिश हो चुकी है।

यह लेख यूनिवर्सिटी ऑफ क्वींसलैंड की वेबसाइट पर प्रकाशित What a hoot: the adventures of Australia’s youngest scientist का हिन्दी अनुवाद है। 

You Might Also Like

Uttarakhand Public Service Commission: इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन में संशोधन का एक और मौका
उत्तराखंड मेडिकल सेलेक्शन बोर्ड की परीक्षाओं का टाइम टेबल देखें
महिलाओं की विंग बनाएगा वन गुज्जर ट्राइबल युवा
स्वास्थ्य सचिव ने स्वास्थ्य कार्मिकों और जनहित में लिए बड़े फैसले
जांच लीजिएः आप जिस वेबपोर्टल को चला रहे हैं, क्या वो आपके नाम पर है या नहीं
TAGGED:adventures of Australia’s youngest scientistprotect precious owl speciessouthern boobookUniversity of Queensland
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Email Copy Link Print
ByRajesh Pandey
Follow:
newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
Previous Article नल और साबुन को छुए बिना हाथ धुलाने वाली मशीन
Next Article श्री बदरीनाथ धाम मंदिर के कपाट 15 मई को खुलेंगे
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://newslive24x7.com/wp-content/uploads/2026/04/CM-Dhami-4-Year-Journey-2026-2-Min-1.mp4

Sajani Pandey Editor newslive24x7.com

Prem Nagar Bazar Doiwala Dehradun
Prem Nagar Bazar Doiwala Dehradun Doiwala, PIN- 248140
9760097344
© 2026 News Live 24x7| Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?