
जनजातीय गौरव वर्ष पखवाड़ा: विकासनगर में ‘डिजिटल समावेशन और सतत विकास’ पर विशेष कार्यक्रम
Tribal Digital Inclusion Sustainable Development: कृषि मंडी विकासनगर (देहरादून), 10 नवम्बर 2025: जनजातीय गौरव वर्ष पखवाड़ा -2025 के अंतर्गत, “डिजिटल समावेशन और सतत विकास” विषय पर केंद्रित विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन सोमवार को कृषि मंडी, विकासनगर, देहरादून में किया गया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनजातीय समुदायों के लिए डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना, ई-गवर्नेंस के लाभों को समझाना और टिकाऊ आजीविका के साधनों में सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) के उपयोग का प्रदर्शन करना था।
Tribal Digital Inclusion Sustainable Development: यह कार्यक्रम आईसीएआर–आईआईएसडब्ल्यूसी, देहरादून के पादप विज्ञान प्रभाग के प्रमुख डॉ. जगमोहन सिंह तोमर के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
- डॉ. जे.एम.एस. तोमर ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए “जनजातीय आजीविका के लिए आईसीटी के संदर्भ में डिजिटल समावेशन और सतत विकास” पर विशेष रूप से जोर दिया।
- डॉ. तोमर ने भारत सरकार द्वारा प्रौद्योगिकी-संचालित समाधानों के माध्यम से जनजातीय समुदायों के सशक्तिकरण के लिए की जा रही पहलों को रेखांकित किया।
Tribal Digital Inclusion Sustainable Development कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की:
- डॉ. अनुपम बड़ ने रबी फसलों, बीज संरक्षण एवं वितरण से संबंधित विस्तृत जानकारी दी और बताया कि ये कार्यक्रम जनजातीय उद्यमिता को प्रोत्साहित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
- एम. एस. चौहान ने ई-नाम (e-NAM) पहल के बारे में जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पहल संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के अनुरूप समावेशी एवं सतत विकास को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध हो रही है।
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जनजातीय गौरव की भावना का सम्मान
डॉ. तोमर ने बताया, यह आयोजन जनजातीय गौरव वर्ष की भावना को साकार करता है, जिसका उद्देश्य भारत के सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक विकास में जनजातीय समुदायों के अमूल्य योगदान का सम्मान करना है। यह पहल उद्यमिता और आत्मनिर्भरता के माध्यम से जनजातीय समुदायों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम को सफलतापूर्वक आयोजित करने में राकेश जोशी (विखंड प्रभारी), विजेंद्र, भूपेंद्र एवं राघवेन्द्र का सहयोग सराहनीय रहा।












