
Uttarakhand Primary Teachers Meeting: एक किलो की किताब से बच्चों के बस्तों का बोझ बढ़ने पर चिंता, शिक्षकों के मुद्दे भी उठाए
उत्तरांचल स्टेट प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन की त्रैमासिक बैठक में समस्याओं पर की गई चर्चा
Uttarakhand Primary Teachers Meeting: देहरादून, 16 जुलाई, 2025ः उत्तरांचल स्टेट प्राइमरी टीचर्स एसोसिएशन (उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ) रायपुर की त्रैमासिक बैठक हाल ही में देहरादून के पदम सिंह शिक्षक भवन में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता संरक्षक रविंद्र नाथ उपाध्याय ने की और संचालन मंत्री विनोद सिंह असवाल ने किया। बैठक में शिक्षकों, छात्रों और शिक्षा से संबंधित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। संघ ने उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा शिक्षकों के विभिन्न कार्यों को समय पर पूरा न करने पर गहरा रोष व्यक्त किया।
प्रमुख मुद्दे और मांगें (Uttarakhand Primary Teachers Meeting)
- चयन-प्रोन्नत वेतनमान: उपाध्यक्ष फरसराम कोठारी ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा 7 मई 2025 को 48 शिक्षकों का चयन वेतनमान स्वीकृत किया गया था, लेकिन उप शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने अभी तक इसे लागू नहीं किया है, जिससे शिक्षकों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।
- पाठ्य पुस्तकों की कमी और बच्चों के बस्ते का बोझ: वरिष्ठ उपाध्यक्ष गीता लिंगवाल ने पाठ्य पुस्तकों की कमी पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि शिक्षक छह बार संकुल जाकर भी सभी छात्रों के लिए किताबें नहीं ला पाए हैं, जिससे शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
- अध्यक्ष अरविंद सिंह सोलंकी ने बच्चों के बस्ते का बढ़ता बोझ भी एक बड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि कक्षा 2 के बाद कक्षा 3 में अचानक तीन से सात पुस्तकें थोप दी गई हैं। साथ ही, कक्षा 3, 4 और 5 की पर्यावरण अध्ययन की पुस्तक का वजन ही एक किलो से अधिक है। उन्होंने यह भी कहा कि जुलाई में कक्षा 3 की पुस्तकें मिलने पर पता चला कि सभी पुस्तकें बदल दी गई हैं, जबकि सत्र की शुरुआत में ‘मिशन कोशिश’ पढ़ाया जा रहा था। उन्होंने सभी पदाधिकारियों ने पूर्ण मनोयोग से शिक्षा, शिक्षक और शिक्षार्थियों के हितों के लिए कार्य करने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने कहा कि विभाग ने विद्यालयों और छात्रों को प्रयोगशाला बना दिया है।
- शिक्षकों की कमी: कोषाध्यक्ष प्रशांत सकलानी, उपाध्यक्ष संजीता गैरोला, संगठन मंत्री आशा मोहन और प्रचार मंत्री गीता गौड़ ने विद्यालयों में शिक्षकों की कमी पर चिंता जताई और मानक के अनुसार जल्द से जल्द शिक्षकों की नियुक्ति की मांग की।
- पदोन्नति और स्थानांतरण: उपाध्यक्ष प्रकाश चंद्र डबराल ने पदोन्नति और स्थानांतरण प्रक्रिया को जल्द से जल्द शुरू करने की मांग की।
- अन्य मुद्दे:
- प्रचार मंत्री सुनीता रावत ने सेवा पुस्तिका और सामान्य भविष्य निधि पुस्तिका के शीघ्र अवलोकन की बात कही।
- भारती क्षेत्री, संजय कुमार, प्रमोद तोमर और कांति रावत सहित अन्य सदस्यों ने शिक्षकों के लंबित एरियर का मुद्दा उठाया।
अध्यक्ष अरविंद सिंह सोलंकी ने सभी पदाधिकारियों से शिक्षा, शिक्षक और शिक्षार्थियों के हितों के लिए पूरी लगन से काम करने का आह्वान किया। बैठक में मंत्री विनोद असवाल ने बताया, शिक्षकों की समस्याओं पर उप शिक्षा अधिकारी से वार्ता के लिए 17 जुलाई की तिथि निर्धारित की गई है।
त्रैमासिक बैठक में अध्यक्ष अरविन्द सिंह सोलंकी, मंत्री विनोद सिंह असवाल, कोषाध्यक्ष प्रशांत सकलानी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गीता लिंगवाल, उपाध्यक्ष विमला रावत, फरसराम कोठारी, संजीता गैरोला, प्रकाश चंद्र डबराल, राजेश्वरी थपलियाल, संयुक्त मंत्री संजय कुमार, उप मंत्री अनिता नैथानी, प्रमोद कुमार, संगठन मंत्री प्रकाश पुरोहित, आशा मोहन, ज्ञानानन्द चमोली, भारती क्षेत्री, प्रचार मंत्री सुनीता रावत, कांति रावत, गीता गौड़ तथा लेखाकार रीता परमार उपस्थित रहे।













