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नर्सिंग क्षेत्र में रोजगार के अवसर दिलाने के लिए सरकार प्रतिबद्धः स्वास्थ्य मंत्री

 श्री देव भूमि इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन साइंस एण्ड टेक्नोलॉजी में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

  • नर्सिंग पाठयक्रम में सिमुलेशन को भी जोड़ने की आवश्यकता : मनीषा
  • रूस एवं अमेरिका के प्रतिनिधियों ने भी कार्यशाला में भाग लिया

देहरादून। 27 फरवरी, 2025

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड राज्य में नर्सिंग के तीन हजार पद सृजित किए गए हैं, जिसमें से 1450 भर्तियां हो चुकी हैं। शेष 1400 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। इसके बाद, 500 पद और सृजित करने का निर्णय लिया गया है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रावत, श्री देव भूमि इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन साइंस एंड टेक्नोलॉजी परिसर में उत्तराखंड राज्य के नर्सिंग पाठयक्रम के छात्र/छात्राओं के लिए आयोजित एक दिवसीय ‘ Simulation Training & Skill Update ‘ कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।

यह कार्यक्रम शायबन मेडिकेयर के निदेशक डा. संदीप गौड़ के सहयोग से आयोजित किया गया। इससे पूर्व मुख्य अतिथि ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया।

उन्होंने चिकित्सा के क्षेत्र में AI (Artificial Intelligence) के बढ़ते उपयोग की सराहना की ओर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के AI के प्रति लगाव के प्रति खुशी जाहिर की। उन्होंने उत्तराखंड राज्य में नर्सिंग क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा रोजगार मुहैया करवाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता जताई।

उन्होंने कहा, उत्तराखंड राज्य को 2025 तक नशामुक्त एवं टी.बी. मुक्त राज्य बनाने का संकल्प लिया है। साथ ही, राज्य की साक्षरता दर शत-प्रतिशत करने का लक्ष्य है। मुख्य अतिथि डॉ. धन सिंह रावत ने  प्रशिक्षकों से वार्तालाप किया।

इस अवसर पर मनीषा ध्यानी, रजिस्ट्रार, उतराखंड स्टेट नर्सिंग एव मिडवाइफरी काउंसिल, देहरादून ने कहा, समय के साथ नर्सिंग पाठयक्रम में सिमुलेशन को भी जोड़ने की आवश्यकता है।

डा. राम कुमार शर्मा, प्राचार्य, राजकीय नर्सिंग कॉलेज, पौड़ी गढ़वाल ने कार्यशाला के आयोजन की सराहना की तथा उत्तराखंड राज्य के अन्य कॉलेजों में भी इस तरह की तकनीक उपलब्ध होने पर जोर दिया।

इस अवसर पर डॉ. आशुतोष सयाना निदेशक, चिकित्सा शिक्षा निदेशालय, देहरादून ने कहा, श्री देव भूमि इंस्टीटयूट ऑफ एजुकेशन साइंस एंड टेक्नोलॉजी चिकित्सा के क्षेत्र में अत्यन्त महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

कार्यशाला में राजकीय नर्सिंग कॉलेज हल्द्वानी, राजकीय नर्सिंग कॉलेज देहरादून, राजकीय नर्सिंग कॉलेज सहारनपुर, केयर कॉलेज ऑफ नर्सिंग, हरिद्वार, ग्राफिक एरा, देहरादून, आरोग्यम नर्सिंग स्टाफ कॉलेज, देहरादून, सिद्धार्थ कॉलेज ऑफ नर्सिंग, देहरादून, राजकीय नर्सिंग कॉलेज, बदायूं, राजकीय नर्सिंग कॉलेज हल्द्वानी, राजबिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय, देहरादून, श्रीकोट नर्सिंग कॉलेज, श्रीनगर, आदि से लगभग 350 शिक्षकगण, छात्र/छात्राओं ने प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम में संस्थान के अध्यक्ष श्रीनिवास नौटियाल ने नर्सिंग छात्र-छात्राओं का आह्वान किया कि नर्सिंग, समर्पण का दूसरा नाम है। कोविड-19 महामारी के दौरान नर्सिंग अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका की याद दिलाते हुए उनके सहयोग की सराहना की।

कार्यक्रम में निदेशक डॉ. शिवानन्द पाटिल ने कहा, हमारा संस्थान नर्सिंग पाठ्यक्रम के संचालन के लिए दृढ़ संकल्पित है। हमारे संस्थान में अनुभवी शिक्षकों व अन्य क्वालीफाइड स्टाफ की व्यवस्था की गई है।,

इनके साथ, रुस से आए मुख्य ट्रेनर इगनौट, हेड ऑफ इंडिया बिजनेस पायरोगौव एनौटमी, रुस, डॉ. गजेन्द्र सिंह राजकीय मेडिकल कॉलेज बदायूं, उतर प्रदेश, तन्मय सक्सेना निदेशक, हेड ऑफ इंडिया बिजनेस, सैंडौर मेडिकेडस (गोमार्ड सिमुलेटर), यूएसए, राहुल एम मेडिकल सिमुलेशन विशेषज्ञ, गौमार्ड हेल्थकेयर सिमुलेटर, पूनम कुमारी, मेडिकल सिमुलेशन विशेषज्ञ, सिमुलैब सिम्युलेटर, डॉ. शांत कुमार, प्रशिक्षण प्रबंधक सिमुलेशन, गौमार्ड सिम्युलेटर फॉर हेल्थकेयर, यूएसए, मीनू परगैन, सहायक प्रोफेसर राजकीय नर्सिंग महाविद्यालय, पौड़ी गढ़वाल, राजकुमार श्रीवास्तव, सीनियर ट्यूटर, स्टेट कॉलेज ऑफ नर्सिंग, चंद्रनगर देहरादून, प्रो. डॉ. राजेश कुमार शर्मा, हिमालयन कॉलेज ऑफ नर्सिंग जौलीग्रांट, दिनेश पंत, प्रशिक्षक शायबन मेडिकेयर उत्तराखंड, युगांत, सिमुलेटर ट्रेनर, नैस्को हेल्थकेयर, यूएसए उपस्थित रहे।

Rajesh Pandey

newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344

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