‘मधु ग्राम’ की योजना से ग्रामीणों को घर बैठे मिलेगा रोजगार, हनी हब बनेगा उत्तराखंडः गिरीश डोभाल

उत्तराखंड मौन परिषद के उपाध्यक्ष गिरीश डोभाल ने उत्तराखंड के हनी हब ज्योलीकोट का स्टडी टूर किया, जिसमें ज्योलिकोट के अधिकारी, शहद उत्पादक संस्थाओं और फॉरेस्ट अधिकारियों ने मधुपालकों, स्टूडेंट्स और महिला समूहों को बी कीपिंग और शहद उत्पादन में गुणवत्ता की जानकारी दी।

Rajesh Pandey

ऋषिकेश, 23 मई, 2026ः  मौन परिषद उत्तराखंड के उपाध्यक्ष गिरीश डोभाल का कहना है कि उत्तराखंड के वन क्षेत्रों से सटे कई गांवों की आजीविका का मुख्य आधार हमेशा से वन ही रहे हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से जंगली जानवरों ने यहाँ खेती-किसानी को भारी नुकसान पहुंचाया है। रोजगार की तलाश लोगों को शहरों की ओर ले गई, जिसके चलते आज कई गांव खाली हो गए हैं। आज सबसे बड़ा चैलेंज इन गांवों में ‘रिवर्स पलायन’ कराना है। इस चुनौती से निपटने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मधु ग्राम’ की परिकल्पना सबसे मददगार साबित हो सकती है, जिससे ग्रामीणों को घर बैठे रोजगार मिलेगा।

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उत्तराखंड सरकार के जंगलों में मौनपालन (मधुमक्खी पालन) की अनुमति दिए जाने से प्रदेश को ‘हनी हब’ बनाने का संकल्प अब पूरा होने जा रहा है। वन क्षेत्रों के आसपास वैज्ञानिक तरीके से मधुमक्खी पालन शुरू होने से न सिर्फ ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि मानव और वन्यजीवों के बीच होने वाले संघर्ष को कम करने में भी यह एक बड़ी और प्रभावी पहल साबित होगी।

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गढ़वाल और ऋषिकेश में मधुमक्खी पालन के लिए उत्सुक संस्थाओं और युवाओं के साथ मौन परिषद के उपाध्यक्ष गिरीश डोभाल ने उत्तराखंड के हनी हब ज्योलीकोट का स्टडी टूर किया, जिसमें ज्योलिकोट के अधिकारी, शहद उत्पादक संस्थाओं और फॉरेस्ट अधिकारियों ने मधुपालकों, स्टूडेंट्स और महिला समूहों को बी कीपिंग और शहद उत्पादन में गुणवत्ता की जानकारी दी।

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इस दौरान वक्ताओं ने कहा, उत्तराखंड की जलवायु,जैव विविधता और पहाड़ी वन क्षेत्र उच्च गुणवत्ता वाले शहद उत्पादन के लिए बेहद उपयुक्त हैं । यदि योजनाबद्ध तरीके से कार्य हुआ तो आने वाले समय में उत्तराखंड देश के प्रमुख शहद उत्पादक राज्यों में शामिल हो सकता है। इससे ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और स्वरोजगार से जुड़े समूह को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा। जिसके लिए लगातार बी कीपिंग ट्रैनिंग प्रोग्राम कराया जा रहा है। ऋषिकेश में राजा जी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में ट्रेनिंग प्रोग्राम कराए गए हैं, जल्द ही ज्यादा से ज्यादा ग्रामीणों को ट्रेनिंग देकर बड़े समूह को तैयार किया जाएगा, जिससे राज्य शहद उत्पादन में अपना विशेष पहचान बनाए।

शैक्षिक कार्यक्रम में पंचगव्य आरोग्य संस्थान के डॉ विनोद, स्वामी नारायण आश्रम के प्रतिनिधि सहित राजकीय मौनपालन परिषद की प्रदेश मौन पालन विशेषज्ञ गरिमा तिवारी , वन अधिकारी नितिन पंत सहित ऋषिकेश ढालवाला के युवाओं ने शिरकत की।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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