देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपनी एक बात के लिए माफी मांगी है। इसके लिए उन्होंने एक ट्वीट किया है। रावत कहते हैं कि उन्होंने प्रेस के सामने घमंडपूर्ण उद्बोधन किया था। मेरे शब्द से अहंकार झलकता है।
मेरे मूंह से निकल गई भैय्या 🙄🙄☺ pic.twitter.com/AA03gqrlfE
— हिल पांडा 2.0 🐼 (@hilllPanda) December 26, 2021
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देहरादून। उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अपनी एक बात के लिए माफी मांगी है। इसके लिए उन्होंने एक ट्वीट किया है। रावत कहते हैं कि उन्होंने प्रेस के सामने घमंडपूर्ण उद्बोधन किया था। मेरे शब्द से अहंकार झलकता है।रावत ट्वीट करते हैं, कल प्रेस कान्फ्रेंस में थोड़ी गलती हो गई, मेरा नेतृत्व शब्द से अहंकार झलकता है। चुनाव मेरे नेतृत्व में नहीं बल्कि मेरी अगुवाई में लड़ा जाएगा। मैं अपने उस घमंडपूर्ण उद्बोधन के लिए क्षमा चाहता हूं, मेरे मुंह से वह शब्द शोभा जनक नहीं है।उनके इस ट्वीट पर यूजर्स की प्रतिक्रिया बड़ी मजेदार हैं। एक यूजर लिखते हैं- मेरे मुंह से निकल गई भैय्या।एक अन्य यूजर लिखते हैं – राहुल गांधी को पसंद नहीं आया होगा ये बयान तभी क्षमा मांग रहे हो। बाकी कांग्रेस आपसे है उत्तराखंड में ना की आप कांग्रेस से हैं। एक यूजर्स लिखते हैं- दरअसल रावत जी जुबां पर दिल की बात चली आई। एक पहाड़ी और कांग्रेस समर्थक होने के नाते मैं आपकी इज्जत करता हूं, लेकिन आप पिछले कुछ दिनों के कार्यकलाप से दिल में सिर्फ खटास पैदा हुई है। शायद यही बात आप कुछ बेहतर अंदाज से भी कह सकते थे।एक और यूजर ने लिखा- हरदा जी यह तो वही बात है अरे मेरे मुंह से निकल गई।एक यूजर ने लिखा, वाह! क्या बात है। गर्वित शब्द को वापस लेना आजकल के राजनेताओं में बहुत कम ही दिखता है। हम काँग्रेसीजनों को गर्व है कि जमीनी नेता हमारी अगुवाई कर रहा है।
रावत ट्वीट करते हैं, कल प्रेस कान्फ्रेंस में थोड़ी गलती हो गई, मेरा नेतृत्व शब्द से अहंकार झलकता है। चुनाव मेरे नेतृत्व में नहीं बल्कि मेरी अगुवाई में लड़ा जाएगा। मैं अपने उस घमंडपूर्ण उद्बोधन के लिए क्षमा चाहता हूं, मेरे मुंह से वह शब्द शोभा जनक नहीं है।
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