
World Soil Day Ujjain: उज्जैन की मिट्टी परीक्षण लैब में “स्वस्थ शहरों के लिए स्वस्थ मृदा” अभियान
World Soil Day Ujjain: उज्जैन, 9 दिसंबर 2025 : मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला उज्जैन “स्वस्थ शहरों के लिए स्वस्थ मृदा” (Healthy Soils for Healthy Cities) की थीम पर एक बहुस्तरीय अभियान चला रही है। पांच दिसम्बर को विश्व मृदा दिवस पर विभिन्न शैक्षणक संस्थानों के लगभग डेढ़ सौ छात्र-छात्राओं को मृदा के महत्व एवं इसके स्वास्थ्य की जांच की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया गया। इस आयोजन का उद्देश्य शहरी और कृषि पारिस्थितिकी तंत्र में मृदा स्वास्थ्य के महत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाना है।

World Soil Day Ujjain: मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला उज्जैन में आयोजित कार्यक्रम में उज्जैन के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों के लगभग 150 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इनमें पीएम श्री शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दशहरा मैदान, स्कूल ऑफ़ एग्रीकल्चर अवंतिका विश्वविद्यालय, पं. जवाहर लाल नेहरू व्यवसाय प्रबंध संस्थान, सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय, शासकीय कन्या स्नातकोत्तर महाविद्यालय और शासकीय माधव विज्ञान महाविद्यालय के विद्यार्थी शामिल हुए।
World Soil Day Ujjain: इस आयोजन में मुख्य रूप से परियोजना संचालक केएस केन, पंडित जवाहर लाल नेहरू व्यवसाय प्रबंधन संस्थान, सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के निदेशक प्रोफेसर डॉक्टर धर्मेंद्र मेहता, हेड ऑफ डिपार्टमेंट एग्रीकल्चर, अवंतिका विश्वविद्यालय, डॉक्टर कमलेश गोलानी, प्राचार्य, शासकीय माधव विज्ञान महाविद्यालय डॉ. हरीश व्यास एवं चंचलेश यदुवंशी, कृषि अध्ययन शाला के अतिथि विद्वान शोभा मालवीय, पीएम श्री शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय उज्जैन से शिक्षिका श्वेता श्रीवास्तव, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के समस्त सहायक संचालक कृषि एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
कार्यक्रम की मेजबानी सहायक मिट्टी परीक्षण अधिकारी चंद्र प्रकाश पाटीदार और कृषि विकास अधिकारी गोपाल बोयल एवं स्टाफ ने की।
सहायक मिट्टी परीक्षण अधिकारी चंद्र प्रकाश पाटीदार ने इस वर्ष की थीम “स्वस्थ शहरों के लिए स्वस्थ मृदा” के बारे में विस्तार से जानकारी दी। पीएम श्री स्कूल दशहरा मैदान उज्जैन से आईं छात्राओं के लिए एक विशेष सत्र आयोजित किया गया, जिसमें उन्हें मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के तहत मिट्टी का नमूना लेने और उसके परीक्षण की प्रक्रिया के बारे में व्यावहारिक जानकारी दी गई। इसके बाद, छात्राओं को प्रयोगशाला का भ्रमण भी कराया गया।
कार्यक्रम के समापन पर विशिष्ट अतिथियों ने सभी सहभागी छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र वितरित किए गए, जिससे उन्हें मृदा संरक्षण के प्रति प्रोत्साहित किया जा सके।













