
Organ Donation AIIMS Rishikesh: अंगदान करके अमर हो गए ऋषिकेश के रघु पासवान, पांच लोगों को मिला नया जीवन
Organ Donation AIIMS Rishikesh: ऋषिकेश, 23 जनवरी, 2026: ऋषिकेश निवासी 42 वर्षीय रघु पासवान भले ही अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनके अंगों के दान से 5 लोगों को नया जीवन मिला है। ब्रेन डेड घोषित होने के बाद, शुक्रवार को एम्स ऋषिकेश में केडवरिक ऑर्गन डोनेशन (मरणोपरांत अंगदान) की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की गई। अंगों को निर्धारित समय के भीतर संबंधित अस्पतालों तक पहुँचाने के लिए उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के 9 जिलों की पुलिस के सहयोग से ‘ग्रीन कॉरिडोर’ बनाया गया। एम्स ऋषिकेश के इतिहास में अंगदान का यह दूसरा मामला है।
मूल रूप से बिहार के रहने वाले रघु पासवान पेशे से राजमिस्त्री थे। हाल ही में एक दुर्घटना में उन्हें गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया। ट्राॅमा सर्जनों के अथक प्रयासों के बावजूद उनकी स्थिति बिगड़ती गई और वे नॉन-रिवर्सिबल कोमा में चले गए।
Organ Donation AIIMS Rishikesh: संस्थान के न्यूरो सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. रजनीश अरोड़ा ने बताया कि तमाम कोशिशों के बाद भी जब स्वास्थ्य में सुधार नहीं हुआ, तो विशेषज्ञों की कमेटी ने उन्हें ‘ब्रेन डेड’ घोषित कर दिया। इसके बाद, कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह के मार्गदर्शन में डॉक्टरों की टीम और ऋषिकेश के मेयर शम्भू पासवान ने परिजनों की काउंसलिंग की और उन्हें अंगदान के लिए प्रेरित किया। शोकाकुल परिवार ने इस नेक कार्य के लिए अपनी सहमति दी।
प्रभारी चिकित्सा अधीक्षक डॉ. भारत भूषण भारद्वाज के अनुसार, रघुवीर के अंगों को तीन अलग-अलग शहरों के अस्पतालों में भेजा गया है:
| अंग | प्राप्तकर्ता संस्थान |
| किडनी, लीवर और पेन्क्रियाज | पीजीआई चंडीगढ़ (3 अलग-अलग मरीज़ों के लिए) |
| दूसरी किडनी | एम्स दिल्ली |
| हृदय (Heart) | आर्मी हॉस्पिटल (R&R), दिल्ली |
| कॉर्निया (आंखें) | एम्स ऋषिकेश आई बैंक (2 लोगों के लिए) |
नौ जिलों में बना ‘ग्रीन कॉरिडोर’
Organ Donation AIIMS Rishikesh: अंगों को निर्धारित समय के भीतर संबंधित अस्पतालों तक पहुँचाने के लिए उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली के 9 जिलों की पुलिस के सहयोग से ‘ग्रीन कॉरिडोर’ बनाया गया। एम्स ऋषिकेश से जौलीग्रांट एयरपोर्ट, दिल्ली और चण्डीगढ़ तक के रूट पर अंगों को बिना किसी बाधा के पहुँचाया गया। शुक्रवार दोपहर एम्स प्रशासन ने रघु पासवान की देह को ससम्मान उनके गंतव्य के लिए विदा किया।
इस जटिल प्रक्रिया को सफल बनाने में न्यूरो सर्जन डॉ. रजनीश अरोड़ा, डॉ. संजय अग्रवाल, डॉ. रोहित गुप्ता, डॉ. अंकुर मित्तल समेत डॉ. नीति गुप्ता और डॉ. मोहित धींगरा की टीम शामिल रही। संस्थान में अंग प्रत्यारोपण इकाई के समन्वयक देशराज सोलंकी व डीएनएस जीनू जैकेब की टीम का सहयोग रहा, जबकि संस्थान के पीआरओ डाॅ. श्रीलोय मोहन्ती और डीएमएस डाॅ. रवि कुमार आदि ने राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (NOTO) और संबन्धित जिला प्रशासन व अस्पतालों सहित विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर पूरी प्रक्रिया में विशेष भूमिका निभाई।













