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वो अजनबी…यादों के झरोख़ों से.. 

“दीदी की ग्लूकोज़ बोतल चेंज करनी है।”

नर्स रुम में जाकर मैंने वहाँ अकेले बैठे एक इन्टर्न डॉक्टर से कहा।
“ओके”
वो मेरे साथ चला आया क्योंकि वहाँ कोई नर्स नहीं थी उस वक्त।
“वैसे ये मेरा काम नहीं है।”

नई ड्रीप बदलने में परेशानी हो रही थी उसको तो मुझे अपनी ओर देखकर वो बोला।
मैं मुस्करा दी तो वो भी मुस्कराने लगा।
उसके बाद वो झेंपता सा चला गया।

दो दिन बाद अपने सीनियर डॉक्टर के साथ वो फिर विजीट पर आया तो उस वक्त मैं टिफीन से खाना खा रही थी। कनखियों से देख कर हल्का मुस्करा दिया और मैंने भी सर नीचे कर लिया।
फिर दीदी नहीं रही और वो भी समय साथ जिम्मेदारियों के बढ़ते स्मृतियों से विस्मृत होता चला गया।

ये उस वक्त की बात है जब मैं बी.एस.सी. प्रथम वर्ष में पढ़ रही थी और दीदी अस्पताल में एडमिट थी। अस्पताल के उन नौ-दस दिनों की यादों में ये क्षणिक पल भी कभी-कभी याद आ जाते हैं। उसका नाम भी नहीं पता कर पाई और अब पता नहीं कहाँ होगा वो…!!!

#ज्योत्सना

Rajesh Pandey

newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344

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