
New Aadhaar App: सरकार ने लॉन्च किया नया ‘आधार ऐप’, जानिए वो बातें जो आपके काम आएंगी
New Aadhaar App: नई दिल्ली,28 जनवरी, 2026: भारत सरकार ने डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए नए आधार ऐप को राष्ट्र को समर्पित किया। केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने दिल्ली में इस आधुनिक ऐप का अनावरण किया। यह ऐप न केवल पहचान सत्यापन (Identity Verification) के तरीके को बदल देगा, बल्कि नागरिकों की गोपनीयता और सुरक्षा को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
New Aadhaar App: नया आधार ऐप ‘अगली पीढ़ी’ (Next-Gen) की तकनीक पर आधारित है। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि अब आधार धारकों को अपनी डिजिटल पहचान भौतिक रूप में ले जाने की जरूरत नहीं होगी। केंद्रीय मंत्री प्रसाद ने कहा, “यह ऐप सुशासन और नागरिक सशक्तिकरण का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जो सरकारी सेवाओं को और अधिक सुलभ और परेशानी मुक्त बनाएगा।”
ऐप की 5 बड़ी बातें जो आपके काम आएंगी:
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चुनिंदा जानकारी का साझाकरण: नया ऐप डेटा के न्यूनतम उपयोग को बढ़ावा देगा, सुरक्षा बढ़ाएगा और आधार नंबर धारकों द्वारा चुनिंदा जानकारी साझा करने को प्रोत्साहित करेगा।अब आपको अपनी पूरी जानकारी देने की जरूरत नहीं है। आप किसी खास काम (जैसे सिनेमा या होटल) के लिए केवल जरूरी डेटा (जैसे सिर्फ उम्र या नाम) ही साझा कर सकेंगे।
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मोबाइल नंबर अपडेट की सुविधा: ऐप के माध्यम से ही अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर अपडेट कर सकते हैं। इसके साथ ही पते को अपडेट करने की सुविधा भी जारी रहेगी।
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वन फैमिली – वन ऐप: अब एक ही स्मार्टफोन पर परिवार के 5 सदस्यों तक के आधार प्रोफाइल का प्रबंधन किया जा सकता है।
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बायोमेट्रिक सुरक्षा: उपयोगकर्ता महज एक क्लिक से अपने बायोमेट्रिक्स को लॉक या अनलॉक कर सकते हैं, जिससे डेटा चोरी का खतरा खत्म हो जाता है।
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चेहरा सत्यापन (Face Auth): उपस्थिति दर्ज कराने या सत्यापन के लिए अब ओटीपी के बजाय फेस ऑथेंटिकेशन का विकल्प भी उपलब्ध होगा।
New Aadhaar App: होटल से लेकर अस्पताल तक, सब कुछ होगा आसान
यूआईडीएआई (UIDAI) के अनुसार, यह ऐप वास्तविक जीवन के कई परिदृश्यों में मददगार साबित होगा। होटल चेक-इन के दौरान क्यूआर कोड स्कैनिंग, अस्पताल में प्रवेश, और गिग वर्कर्स (जैसे डिलीवरी पार्टनर) के सत्यापन के लिए यह एक सुरक्षित जरिया बनेगा।
गोपनीयता का नया मानक
यूआईडीएआई के सीईओ भुवनेश कुमार ने स्पष्ट किया कि यह ऐप डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम (DPDP) के अनुरूप बनाया गया है। इसमें यह सुनिश्चित किया गया है कि सत्यापन करने वाली संस्थाएं आपका आधार नंबर स्टोर न कर सकें, केवल डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित डेटा ही साझा होगा।
यह नया ऐप कागजी दस्तावेजों से पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस प्रणाली की ओर एक बड़ा कदम है। जैसा कि यूआईडीएआई के अध्यक्ष नीलकंठ मिश्रा ने कहा, “इस नवाचार के केंद्र में देश की जनता है।”












