
Science Communication through Nature Writing: प्रकृति से विज्ञान सीख रहे राजकीय प्राथमिक विद्यालय रामगढ़ के नन्हें वैज्ञानिक
Science Communication through Nature Writing: देहरादून, 20 मार्च, 2026 : विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने और प्रकृति के प्रति उनकी समझ को गहरा करने के उद्देश्य से राजकीय प्राथमिक विद्यालय रामगढ़, विकासखंड रायपुर में एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया।
“प्रकृति लेखन के माध्यम से विज्ञान संप्रेषण” विषय पर आधारित इस कार्यशाला का आयोजन AASHVI (Altitudinal Academia for Science with Holistic Vision of Innovation) ने किया, जिसे उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (UCOST) का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।

Science Communication through Nature Writing: AASHVI फाउंडेशन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंजलि शंकर ने बच्चों को सिखाया कि कैसे अपने आसपास के वातावरण का बारीकी से निरीक्षण कर उसे सरल और व्यवस्थित तरीके से शब्दों में पिरोया जा सकता है। अंजलि शंकर ने इस बात पर जोर दिया कि प्रकृति स्वयं में एक विशाल प्रयोगशाला है और इसे लिखने की कला ही विज्ञान संप्रेषण का आधार है।
Science Communication through Nature Writing: कार्यशाला के दूसरे सत्र में डॉ. अदिति चौहान (विभागाध्यक्ष, मनोविज्ञान विभाग, डॉल्फिन पीजी इंस्टीट्यूट) ने बच्चों के साथ ‘संज्ञानात्मक कौशल’ (Cognitive Skills) पर एक रोचक सत्र आयोजित किया। खेल-खेल में उन्होंने विद्यार्थियों को स्मरण शक्ति बढ़ाने और एकाग्रता विकसित करने के व्यावहारिक तरीके सिखाए, जिसे बच्चों ने काफी पसंद किया।
दूरबीन से निहारा अंतरिक्ष का रोमांच
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण खगोल विज्ञान सत्र रहा, जिसे डॉ. आशीष रतूड़ी (विभागाध्यक्ष, भौतिकी विभाग, डॉल्फिन संस्थान) और उनकी ‘एस्ट्रोनॉमी क्लब’ टीम ने संचालित किया। बच्चों को दूरबीन (Telescope) के माध्यम से रात्रि आकाश की पहचान करना और ग्रहों-नक्षत्रों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। पहली बार दूरबीन का अनुभव पाकर कक्षा 5 के सभी 23 विद्यार्थी बेहद उत्साहित दिखे।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक अरविंद सिंह सोलंकी ने इस पहल की सराहना करते हुए AASHVI टीम और UCOST का आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा, “इस तरह की गतिविधियाँ बच्चों के किताबी ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव में बदलती हैं। प्रकृति और विज्ञान का यह मेल बच्चों के भविष्य के लिए अत्यंत उपयोगी साबित होगा।”
इस अवसर पर सहायक अध्यापक उषा चौधरी, मीना घिल्डियाल, मधुलिका, वीरेंद्र उनियाल सहित संस्थान के प्रतिनिधि अभिषेक नेगी, रोहन और विद्यालय के सभी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।







