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वीडियोः सतर्क रहिए, देहरादून में इस तरह घर से उठाया जा रहा कीमती सामान

लूनिया मोहल्ला में घर में घुसा युवक, कमरे से उठा ले गया मोबाइल

देहरादून। देहरादून के लूनिया मोहल्ला में दिन के वक्त एक युवक घर में घुसा और मोबाइल फोन चोरी करके ले गया। पीड़ित परिवार की सूचना पर चीता पुलिस मौके पर पहुंची और जानकारी लेकर चली गई। यह घटना सीसीटीवी कैमरे में दर्ज हो गई।

पीड़ित विशाल लोधा ने बताया कि शनिवार दोपहर करीब चार बजे एक युवक उनके घर में घुसा और कमरे में रखा मोबाइल फोन चोरी करके भाग गया। घटना के वक्त उनकी माताजी दूसरे कमरे में थी। यह पूरी घटना उनके घर पर लगे सीसीटीवी कैमरे में आ गई।

सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है, उनकी माताजी एक कमरे से दूसरे कमरे में जा रही हैं। थोड़ी देर में ही गली में घूम रहे युवक ने इधर उधर देखा और फिर कमरे में घुसा और थोड़ी ही देर में तेज कदमों से वहां से चला गया। सीसीटीवी फुटेज में युवक का चेहरा साफ दिख रहा है।

अंदेशा जताया जा रहा है कि यह युवक नशा करता है, जिसने नशे के लिए चोरी की है। हालांकि इस बारे में चोरी करने वाले युवक के पकड़े जाने और जांच के बाद ही पुख्ता तौर पर कुछ कहा जा सकता है।

विशाल ने बताया, इस घटना के वक्त वह अपने कार्यालय में थे। शाम को घर आकर पता चला कि माताजी का मोबाइल फोन नहीं मिल रहा। सीसीटीवी कैमरे में चेक किया तो इस घटना का पता चला। उन्होंने चीता पुलिस को सूचना की। पुलिस मौके पर पहुंची और उनकी सूचना रजिस्टर में लिखकर, जानकारी लेकर वापस चली गई। पीड़ित विशाल ने पुलिस से उनका मोबाइल फोन दिलवाने की मांग की है।

 

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राजेश पांडेय, देहरादून (उत्तराखंड) के डोईवाला नगर पालिका के निवासी है। पत्रकारिता में  26 वर्ष से अधिक का अनुभव हासिल है। लंबे समय तक हिन्दी समाचार पत्रों अमर उजाला, दैनिक जागरण व हिन्दुस्तान में नौकरी की, जिनमें रिपोर्टिंग और एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में हिन्दुस्तान से मुख्य उप संपादक के पद से त्यागपत्र देकर बच्चों के बीच कार्य शुरू किया।   बच्चों के लिए 60 से अधिक कहानियां एवं कविताएं लिखी हैं। दो किताबें जंगल में तक धिनाधिन और जिंदगी का तक धिनाधिन के लेखक हैं। इनके प्रकाशन के लिए सही मंच की तलाश जारी है। बच्चों को कहानियां सुनाने, उनसे बातें करने, कुछ उनको सुनने और कुछ अपनी सुनाना पसंद है। पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।  अपने मित्र मोहित उनियाल के साथ, बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से डेढ़ घंटे के निशुल्क स्कूल का संचालन कर रहे हैं। इसमें स्कूल जाने और नहीं जाने वाले बच्चे पढ़ते हैं। उत्तराखंड के बच्चों, खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से ई पत्रिका का प्रकाशन करते हैं।  बाकी जिंदगी की जी खोलकर जीना चाहते हैं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता - बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक और एलएलबी, मुख्य कार्य- कन्टेंट राइटिंग, एडिटिंग और रिपोर्टिंग

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