By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
Reading: गणित की मदद से सुलझाएंगे शरीर और रोगों के रहस्य
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7
Font ResizerAa
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
NEWSLIVE24x7 > Blog > News > गणित की मदद से सुलझाएंगे शरीर और रोगों के रहस्य
News

गणित की मदद से सुलझाएंगे शरीर और रोगों के रहस्य

Rajesh Pandey
Last updated: March 5, 2017 1:15 am
Rajesh Pandey
9 years ago
Share
SHARE

कोशिकाओं का एक छोटा सा समूह कैसे एकत्रित होकर लिवर या मांसपेशी बन जाता है। कैसे हमारे जींस प्रोटीन, प्रोटीन कोशिकाएं और टिश्यू,  टिश्यू कैसे शरीर के अंगों का निर्माण करते हैं। क्या आपने कभी इस बारे में सोचा है। दुनिया में अतिविशिष्ट और बेहद ही जटिल प्रक्रिया के यह बायोल़ॉजिकल सिस्टम कैसे कार्य कर पाते हैं। यह विचार बायोमेडिकल साइंटिस्ट को उद्वेलित करता है। लेकिन गणितज्ञों के एक जोड़े इस पक्ष पर सोचने के लिए एक नई दिशा और विचार को आगे बढ़ाया है, जो इन जटिल प्रश्नों को समझने में मदद कर सकता है। यह प्रक्रिया हमारे शरीर के साथ-साथ अन्य जीवित वस्तुओं के बारे में जानने में मदद करेगी।

नेशनल एकेडमी आफ साइंस, अमेरिका ने प्रोसेस राइटिंग में यूनिवर्सिटी आफ मिसिगन मेडिकल  स्कूल और यूनिर्वसिटी आफ कैलीफोर्निया बर्कले में गणित की मदद से जैनेटिक सूचनाओं और कोशिकाओं के बीच तालमेल की प्रक्रिया को समझने के साथ-साथ टिश्युओं की सही कार्य विधि को जाना है। शोधकर्ताओं ने बताया कि इस प्रक्रिया के प्रत्येक भाग को जानने के लिए इसके विशुद्ध या आइडियल फ्रेमवर्क को समझना जरूरी है, जिसे क्रिया विधि का उद्भव माना जाता है।

वैज्ञानिकों ने एक कदम पीछे जाकर बहुत ही सरल तरीके से गणित पर आधारित म़ॉडल तैयार किया है और वे आशा करते हैं कि शरीर में कुछ समय बाद कोशिकाओं के बीच जो परिवर्तन होते हैं और कोशिकाओं के इन परिवर्तनों की वजह से टिश्यूओं को निर्माण संभव होता है, यह गणितीय कैलकुलेशन से समझा जा सकेगा। मानव शरीर में हर अंग का निर्माण टिश्युओं से होता है।

यह कैंसर जैसी बीमारियों को समझने और उनके उत्पन्न होने के कारणों की तह में जाकर पता लगाएगी कि अगर विधिवत रूप से इसके गणितीय आगणन न किए गए तो किस प्रकार की कई और बीमारियां पैदा हो सकती हैं। यूएम मेडिकल स्कूल के कंप्यूटेशनल मेडिसिन के सहायक प्रोफेसर इंडिका राजपक्षे और बर्कले के विख्यात प्रोफेसर स्टीफन स्मैल ने इस विचारधारा पर कई वर्षों तक काम किया। राजपक्षे के अनुसार हमारे शरीर में कोशिकाओं के मरने और बनने का क्रम लगातार चलता रहता है और इसी क्रम के दौरान हमारे टिश्यू सही ढंग से काम करते रहते हैं। शरीर के एक टिश्यू को सही तरीके से समझने के लिए हमें सटीक गणित और बायोलॉजी को साथ-साथ समझना होगा।

वैज्ञानिकों की इस जोड़ी का मानना है कि गणितीय आंकड़ों से जीव विज्ञान के तहत कोशिकाओं और टिश्यू का अध्ययन करके कैंसर जैसे असाध्य रोगों की उत्पत्ति और उनके शरीर में फैलते प्रभाव को रोकने के लिए काम किया जा सकता है। इस दिशा में डिफेंस एडवांस रिसर्च प्रोजेक्ट एजेंसी (डीएआरपीए) लगातार काम कर रही है। यही नहीं गणितीय सूत्रों की इस तकनीक पर यूएम ट्रांसलेशन आंकोलॉजी प्रोग्राम तथा नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट के एमडी थॉमस रीड भी राजपक्षे के कार्य कर रहे हैं। थॉमस रीड पूरी दुनिया के गणितज्ञों का एक सम्मेलन आगामी गर्मियों में बर्सिलोना में कराने जा रहे हैं, जिसके तहत कंप्यूटेशनल बायोलॉजी और जीनोम का अध्ययन किया जाएगा।

वैज्ञानिक राजपक्षे कहती हैं कि कोशिका का जीवनचक्र बहुत ही महत्वपूर्ण और सुंदर है। जब हम इसके बारे में स्पष्ट गणितीय समझ या फार्मूला स्थापित कर लेंगे तब हम इसके आधार पर कंप्यूटर मॉडल विकसित करेंगे, ताकि जीवन की सुंदरताओं के बारे में और उसको प्रभावित करने वाले गणितीय आगणन को समझा जा सके।

 

You Might Also Like

देखें इस परीक्षा की Answer Key, आपत्तियां करने की अंतिम तिथि 27 जुलाई
Uttarakhand: राज्य महिला आयोग में 14 सदस्य नामित, देखें लिस्ट
Meta acquires Moltbook: एआई एजेंट्स के ‘सोशल मीडिया’ ‘मोल्टबुक’ का मेटा ने किया अधिग्रहण
देखें- स्नातक स्तरीय पदों के अभ्यर्थियों के अभिलेख सत्यापन को लेकर नया अपडेट
Dialysis Management and Patient Safety: डायलिसिस सत्र बीच में छोड़ना किडनी रोगियों के लिए खतरनाक: एम्स ऋषिकेश
TAGGED:Berkeleybiomedical scientistslivermathematiciansmuscleNational Academy of Sciencesnewslive24x7.comproteinstissueUniversity of CaliforniaUniversity of Michigan Medical School
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Email Copy Link Print
ByRajesh Pandey
Follow:
newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
Previous Article PHOTO: ऋषिकेश में डॉ. लक्ष्मीनारायण जोशी के निर्देशन में इंटरनेशनल योगा फेस्टिवल
Next Article जख्या घरेलु उपयोग से बाहर भी है बहु उपयोगी
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Sajani Pandey Editor newslive24x7.com

Prem Nagar Bazar Doiwala Dehradun
Prem Nagar Bazar Doiwala Dehradun Doiwala, PIN- 248140
9760097344
© 2026 News Live 24x7| Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?