By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
Reading: पशुपालन करते हैं तो आपके बड़े काम की हैं ये बातें
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7
Font ResizerAa
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
- Advertisement -
Ad imageAd image
NEWSLIVE24x7 > Blog > Agriculture > पशुपालन करते हैं तो आपके बड़े काम की हैं ये बातें
AgricultureFestival

पशुपालन करते हैं तो आपके बड़े काम की हैं ये बातें

Rajesh Pandey
Last updated: January 15, 2022 4:52 pm
Rajesh Pandey
4 years ago
Share
चित्र सांकेतिक है
SHARE

उत्तराखंड के देहरादून जिला के नकरौंदा स्थित जीरो प्वाइंट पर लगभग 20 वर्ष से डेयरी फार्मिंग ( Dairy Farming) से जुड़े शरद शर्मा (Sharad Sharma) बताते हैं, डेयर फार्मिंग में तीन बातें बहुत महत्वपूर्ण होती हैं- काफ मैनेजमेंट (Calf Management) , फीड मैनेजमेंट (Feed Management), हेल्थ मैनेजमेंट (Health Management)। प्रस्तुत हैं उनसे बातचीत के प्रमुख अंश…

काफ मैनेजमेंट यानी बछिया को तैयार करने का प्रबंधन। दूध देने वाली गाय और बछिया दोनों पर ही ध्यान देना आवश्यक है। बछिया को तैयार करने की तैयार गाय के गर्भाधान से ही शुरू हो जाती है। गाय तंदुरुस्त होगी,  बच्चा भी स्वस्थ होगा। बछिया को समय-समय पर वैक्सीनेशन, संतुलित आहार, उसके मूवमेंट, समय-समय पर हेल्थ चेकअप पर फोकस किया जाना चाहिए।

बताते हैं, बछिया को जन्म देने से दो माह पहले ही गाय से दूध लेना बंद कर देते हैं। गाय को शुष्क अवधि (Dry Period) में लाने के लिए आहार में परिवर्तन करना होता है। ऐसा इसलिए करते हैं, दूध के माध्यम से जो कैल्शियम हमें मिलता है, यदि वो गाय के शरीर में ही रहेगा तो उसके गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए लाभकारक होगा। बच्चे के जन्म के बाद गाय से हमें अधिक मात्रा में और गुणवत्तापरक दूध मिलेगा।

  • Video- बातें स्वरोजगार की: मुर्गी पालन में कमाल कर दिया बीटेक पास उत्तराखंड के इस युवा ने
  • गायों को बचाने के लिए पुष्पा नेगी से कुछ सीखिए

पशुओं के गर्भाधान का पता लगने में तीन माह तक का समय लग जाता है। कई बार ऐसा भी होता है इंतजार के बाद मालूम पड़ता है कि पशु गर्भाधान नहीं हुआ। तकनीकी बदल रही है, रिसर्च हो रही हैं, पर पशुओं के गर्भाधान का पता तीन माह बाद ही लगता है। इसमें कोई डेवलपमेंट नहीं हुआ। कोई तो ऐसा तरीका विकसित होना चाहिए, जिससे मिल्क से या यूरिन से जानकारी मिल जाए। ऐसे में डेयरियों को नुकसान झेलना पड़ता है। पैरावेट्स भी तीन माह बाद ही मैन्युअली चेक करते हैं, तभी गर्भाधान होने या नहीं होने की जानकारी मिल पाती है। यूरोपियन कंट्री में तो डेढ़ माह में कन्फर्म हो जाता है।

  • हितेश नेगी से मुलाकातः डेयरी फार्मिंग का मतलब दूध ही नहीं है, यहां बहुत सारे लाभकारी उत्पाद हैं
  • बातें स्वरोजगार कींः बाड़ाकोटी जी से जानिए, गायों को पालने का सही तरीका

खासकर, शहर की डेयरियों में कम जगह में ज्यादा गायों को रखना, उनको टाइट करके बांधना पशुओं के साथ ज्यादती है। जिस तरह से इंसान को फ्री होकर मूव करने के लिए जगह चाहिए। उसी तरह पशुओं को भी। पशुओं को मूवमेंट चाहिए, उनको खुले स्थानों पर रखा जाए। उनके लिए हाउसिंग पर बहुत ज्यादा फोकस होना चाहिए। उनको जहां रखा जाए, वहां ज्यादा स्थान हो, उस हॉल की ऊंचाई अधिक हो, चारों तरफ से खुला हो, हवादार हो, प्राकृतिक रूप से हवा की निकासी हो, उसमें धूप भी आए और गर्मियों में पशुओं को ज्यादा गर्म न लगे, सर्दियों में ठंड से बचाने के उपाय हों।

जगह नहीं होने से पशुओं का मूवमेंट नहीं होगा तो वो भोजन भी नहीं पचा पाएंगे। उनका आहार कम हो जाएगा। वह स्वस्थ नहीं रहेंगे। मिल्क प्रोडक्शन पर असर पड़ेगा।

यह मानना सही नहीं है कि पशु ज्यादा खाएगा तो ज्यादा दूध देगा। पशुओं को संतुलित मात्रा में आहार दिया जाना चाहिए। उनको आहार देने का समय तय होना चाहिए।

सरकार की ओर पशुओं की वैक्सीन की प्रॉपर कोल्ड चैन मैन्टेन होनी चाहिए। परिणाम यह रहता है कि कोल्ड चैन मैन्टेन नहीं होने से मुंहपका एवं खुरपका (Foot and Mouth Diseases- FMD) की वैक्सीन जितना प्रभावकारी होनी चाहिए, वो नहीं हो पाती।

पिछले बैच के लिए सरकार की ओर से FMD की जो वैक्सीन पशुओं के लिए उपलब्ध कराई गई थी, वो उनको लगा दी गईं। पर बाद में पता चला कि जो बैच हम पशुओं को लगा चुके हैं, उसको सरकार ने डिस्कार्ड यानी बिना प्रभाव वाला घोषित कर दिया। जब सरकार स्वयं घोषणा कर दे कि उस वैक्सीन का कोई प्रभाव नहीं होगा तो नया वैक्सीन उपलब्ध कराना भी तो सरकार का ही काम है।

वैक्सीनेशन तो पशुओं की इम्युनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) को बढ़ाने के लिए होता है, ताकि उनको मुंहपका एवं खुरपका जैसे रोग न हो सकें। स्थिति यह है कि पिछले वर्ष पशुओं को प्रभावी वैक्सीन नहीं लग पाई, जबकि वैक्सीनेशन समयबद्ध होना आवश्यक है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कोल्ड चैन मैन्टेन होनी अनिवार्य है।

You Might Also Like

शीतकाल में फलों के पौधे रोपने का सही समय, यह सावधानियां जरूरी
डोईवाला के सिमलास पहुंचे मानवभारती स्कूल के छात्र-छात्राओं  ने जाना, कैसे होती है गन्ने की खेती 
बात पुरानी हैः कोठार भरे रहने पर भी महिलाओं को भरपेट खाना नहीं मिलता था
Video: यहां उगने वाली हर फसल जैविक है, पर बिकती जैविक में नहीं
बीमारियों से बचाने के लिए मिट्टी की जगह हवा में उगाया जाएगा आलू का बीज
TAGGED:benefits of a dairy farmingdairy farming projectHealth Management of AnimalsWhat is Calf Managementwhat is feed management
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Email Copy Link Print
ByRajesh Pandey
Follow:
newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
Previous Article यूपी में पहला चुनावः उत्तराखंड में इन सीटों पर सबसे ज्यादा और सबसे कम वोटों से हार-जीत
Next Article उत्तराखंड की राजनीति में दोनों सरस्वती, दो-दो बार जीतीं
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://newslive24x7.com/wp-content/uploads/2026/04/CM-Dhami-4-Year-Journey-2026-2-Min-1.mp4

Sajani Pandey Editor newslive24x7.com

Prem Nagar Bazar Doiwala Dehradun
Prem Nagar Bazar Doiwala Dehradun Doiwala, PIN- 248140
9760097344
© 2026 News Live 24x7| Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?