
उत्तराखंड में बच्चों को मुफ्त इलाज
- हंस फाउंडेशन गंभीर रूप से पीड़ित बच्चों का मुफ्त इलाज कराएगा
- 18 वर्ष तक के सभी बच्चों के लिए उपलब्ध है यह सुविधा
- इलाज के लिए सीएमओ या आंगनबाड़ी केंद्रों पर संपर्क करें
देहरादून। न्यूज लाइव ब्यूरो
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत नहीं आने वाले बच्चों का हंस फाउंडेशन मुफ्त इलाज कराएगा। इसके लिए महंत इंद्रेश अस्पताल और हिमालयन इंस्टीट्यूट एंड हाॅस्पिटल ट्रस्ट जौलीग्रांट का चयन किया गया है। यह सुविधा 18 वर्ष तक के सभी बच्चों के लिए है। बच्चों के इलाज के लिए चिकित्सा विभाग के हेल्प लाइन नं. 104, सम्बंधित जिलों के सीएमओ या आंगनबाड़ी केन्द्र पर सम्पर्क किया जा सकता है।
मंगलवार को सचिवालय में मुख्य सचिव एस.रामास्वामी की अध्यक्षता में आयोजित हंस फाउंडेशन की स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में यह जानकारी दी गई। बैठक में बताया गया कि हंस बाल आरोग्य कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों के गम्भीर रोगों के इलाज के लिए हर वर्ष 6 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। जो बच्चे कैंसर या हृदय रोग से पीड़ित हैं, उनका इलाज मैक्स अस्पताल में कराया जाएगा।
वर्ष 2020 तक के अपंगता, स्वास्थ्य, पेयजल एवं स्वच्छता, आजीविका, शिक्षा, ऊर्जा एवएकीकृत ग्राम्य विकास के क्षेत्र में कार्य करने के लिए उत्तराखंड सरकार और हंस फाउंडेशन के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं। इसके अंतर्गत अब तक नारी निकेतन केदारपुरम में 1.23 करोड़ के कार्य, स्वास्थ्य में 4.20 करोड़, पेयजल एवं स्वच्छता में 30.5 करोड़ रुपये, आजीविका में 36 लाख रुपये, शिक्षा में 14 करोड़, ऊर्जा में 11.37 करोड़ रुपये सहित कुल 168 करोड़ रुपये के कार्य किए गए हैं।
बताया गया कि 21 मेडिकल मोबाइल यूनिट में 12 का संचालन किया जा रहा है। दोनों मंडलों के लिए एक एक मैमोग्राफी वाहन तैयार हैं। स्वास्थ्य विभाग के लाइसेंस लेने के बाद इनका संचालन किया जाएगा। कैंसर अस्पताल हल्द्वानी का निर्माण पूरा हो गया है। 100 गांवों में पानी की व्यवस्था के लिए 15 करेाड़ रुपये के 67 डीपीआर तैयार किए गए हैं। बैठक में अपर मुख्य सचिव ओमप्रकाश, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास मनीषा पंवार, सचिव वित्त अमित नेगी, सचिव पेयजल अरविंद सिंह ह्यांकी, सचिव शिक्षा चंद्रशेखर भट्ट, स्टॉफ अफसर मुख्य सचिव श्रीधरबाबू अद्दांकी आदि उपस्थित रहे।












