Electric Farm Tractor Standards India: भारत में इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों के लिए नए युग की शुरुआत; सरकार ने जारी किए मानक

Rajesh Pandey

Electric Farm Tractor Standards India: नई दिल्ली, 28 दिसंबर 2025: भारत सरकार ने कृषि क्षेत्र को आधुनिक और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रल्हाद जोशी ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान इलेक्ट्रिक कृषि ट्रैक्टरों के लिए भारत का पहला मानक ‘IS 19262: 2025’ जारी किया।

अभी तक भारत में बिकने वाले इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों के परीक्षण (Testing) के लिए कोई एक निश्चित नियम नहीं था। इस नए मानक के आने के बाद, अब हर कंपनी के इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर को एक ही कड़े मापदंड पर परखा जाएगा। इससे किसानों को केवल प्रमाणित व सुरक्षित मशीनें ही मिलेंगी।

Electric Farm Tractor Standards India: भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, आईसीएआर-केंद्रीय कृषि अभियांत्रिकी संस्थान, भोपाल, केंद्रीय कृषि मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थान, बुदनी, ट्रैक्टर एवं यंत्रीकरण संघ, नई दिल्ली, ऑटोमोटिव अनुसंधान संघ, पुणे, अखिल भारतीय किसान संगठन, नई दिल्ली आदि के प्रतिनिधियों ने मानक बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

Electric Farm Tractor Standards India: मुख्य विशेषताएं:

  • सुरक्षा और गुणवत्ता: भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) अब इस ‘टेस्ट कोड’ के जरिए ट्रैक्टर की बैटरी, मोटर की क्षमता और झटकों (Vibration) की गहराई से जांच करेगा। इस मानक का कार्यान्वयन देश में इलेक्ट्रिक कृषि ट्रैक्टरों को व्यापक रूप से अपनाने में सुविधा प्रदान करेगा, स्वच्छ कृषि प्रौद्योगिकियों में नवाचार को बढ़ावा देगा और उत्सर्जन को कम करने और सतत कृषि मशीनीकरण में योगदान देगा।

  • वैज्ञानिक आधार: ट्रैक्टर की खींचने की शक्ति और कृषि उपकरणों को चलाने वाली शक्ति को मापने के लिए वैज्ञानिक तरीके तय किए गए हैं।

  • डीजल की बचत: इन ट्रैक्टरों के बढ़ने से खेतों में डीजल का धुआं खत्म होगा और किसानों की खेती की लागत (Maintenance cost) भी कम होगी।

  • स्वैच्छिक शुरुआत: फिलहाल इस मानक की अधिसूचना ‘स्वैच्छिक’ (Voluntary) है। यह कृषि क्षेत्र में उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए भारत के मानकीकरण ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, साथ ही घरेलू प्रथाओं के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और कृषि मशीनीकरण में विकसित हो रहे अंतर्राष्ट्रीय रुझानों के अनुरूप है।

खास बातें

ये ट्रैक्टर पारंपरिक डीजल-चालित ट्रैक्टरों का एक टिकाऊ विकल्प प्रदान करते हैं, जिनके लाभों में कम उत्सर्जन, कम परिचालन लागत और बेहतर परिचालन प्रदर्शन शामिल हैं। इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर खेत में टेलपाइप उत्सर्जन को समाप्त करते हैं, जिससे वायु प्रदूषण और कृषि कार्यों में कार्बन के उत्‍सर्जन को कम करने में सहायता मिलती है।

यह ट्रैक्टर खेतों में लंबे समय तक काम करने वाले किसानों को कम शोर और धुएं के संपर्क से मुक्ति के साथ एक स्वस्थ कार्य वातावरण प्रदान करता है। साथ ही, डीजल इंजनों की तुलना में इनमें कम चलने वाले पुर्जे होते हैं, जिससे रखरखाव की आवश्यकता कम होती है, परिचालन लागत कम होती है और ऊर्जा दक्षता में सुधार होता है। ये ट्रैक्टर कृषि क्षेत्र में डीजल की खपत को कम करने में सहायक होते हैं। ये इस जीवाश्म ईंधन के उपयोग को कम करके डीजल उत्पादन के लिए आवश्यक प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग को भी कम करते हैं।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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