साइबर क्राइम के पीड़ितों की मदद करेगा ई प्रोटेक्शन फाउंडेशन

Rajesh Pandey
ईप्रोटेक्ट फाउंडेशन
देहरादून। वर्षों से साइबर क्राइम के खिलाफ लोगों को जागरूक कर रहे सीनियर साइबर और फारेंसिक एक्सपर्ट अंकुर चंद्रकांत ने स्वयं सेवी संस्था ई प्रोटेक्शन फाउंडेशन को लांच किया है। हालांकि यह संस्था लगातार कार्य कर रही है। हिन्दी भवन में पत्रकारों से वार्ता में चंद्रकांत ने साइबर क्राइम, साइबर उत्पीड़न के खिलाफ और महिला सुरक्षा के लिए कार्य करने को ई प्रोटेक्शन फाउंडेशन के आगाज की औपचारिक घोषणा की।
उन्होंने पत्रकारों से कहा कि ई प्रोटेक्शन फाउंडेशन भारत की पहली ऐसी स्वयंसेवी संस्था है, जो उन पीड़ित महिलाओं की मदद करती है, जो किसी ना किसी प्रकार के साइबर अपराध का शिकार हुई हैं। संस्था राष्ट्रीय स्तर पर महिलाओं को निशुल्क साइबर ट्रेनिंग मुहैया कराएगी। ई प्रोटेक्शन फाउंडेशन के संस्थापक अंकुर चंद्रकांत ने बताया कि ई प्रोटेक्शन फाउंडेशन 22 शहरों में करीब 200 वॉलिंटियर्स के साथ काम कर रही है। यह संख्या अगले तीन माह में पांच हजार पहुंच जाएगी, क्योंकि लगातार युवा हमारे साथ जुड़ रहे हैं। इस मौके पर 40 वॉलिंटियर्स को प्रशस्ति पत्र भी दिए गए।
 इस मौके पर ‘देवभूमि जनसेवा’ समिति के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह नेगी, अनुग्रह डंगवाल, आदर्श पंत, सूर्यांशी कुमारी, विशा

आले, वैशाली गुरुंग, सौरभ डंडरियाल, साइबर रेडिक्स एकेडेमी फॉर फ्यूचर टेक्नोलॉजी की मुख्य केंद्र संचालक सोनम तड़ियाल, कनिका, दिव्या, रजत, यश, सिमरन,अमन, सम्राट,सागर, कार्तिक, हृदयेश, गौरव, अभिनव आदि उपस्थित रहे। जरूर पढ़ें-  ईप्रोटेक्ट फाउंडेशनः साइबर अपराध के खिलाफ अभिनव पहल

Share This Article
Follow:
newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *