
AIIMS Rishikesh Trauma Management Training: ग्लोबल टाइगर डे पर वन्यकर्मियों को ट्रॉमा प्रबंधन का प्रशिक्षण
AIIMS Rishikesh Trauma Management Training: ऋषिकेश, 30 जुलाई,2025: ग्लोबल टाइगर डे पर, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश के ट्रॉमा सर्जरी एवं क्रिटिकल केयर विभाग ने एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य वन अधिकारियों और कर्मचारियों को ट्रॉमा की स्थिति में प्राथमिक उपचार और फर्स्ट रेस्पोंडर की भूमिका के बारे में प्रशिक्षित करना था।
कार्यशाला (AIIMS Rishikesh Trauma Management Training) के दौरान, एम्स की ट्रॉमा टीम ने राजाजी नेशनल पार्क के कार्मिकों को ट्रॉमा प्रबंधन, फर्स्ट एड और फर्स्ट रेस्पोंडर की भूमिका का गहन प्रशिक्षण दिया। प्रतिभागियों को स्किल स्टेशन के माध्यम से हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग भी प्रदान की गई, जिससे उन्होंने व्यवहारिक रूप से सीखा कि आपातकालीन स्थितियों में कैसे त्वरित और सही कदम उठाए जाएं। इस प्रशिक्षण का लक्ष्य केवल प्राथमिक उपचार की जानकारी देना नहीं था, बल्कि वनों में काम करते समय आने वाली आकस्मिक चिकित्सीय चुनौतियों के लिए उन्हें तैयार करना भी था।
कार्यक्रम में वन अधिकारियों ने वन्यजीव और वन संरक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के तरीकों और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में जंगलों की भूमिका पर प्रकाश डाला। साथ ही, सभी को वन्यजीव एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सस्टेनेबल डेवलपमेंट की दिशा में सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
AIIMS Rishikesh Trauma Management Training
इस अवसर पर एम्स ट्रॉमा सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर कमर आज़म, ट्रॉमा सर्जन डॉ. मधुर उनियाल, डॉ. भास्कर सरकार, डॉ. रूबी कटारिया, डॉ. नीरज कुमार, डॉ. आदित्य, डॉ. शांतम, नर्सिंग ऑफिसर शशिकांत, दीपिका कांडपाल, वने पाल सिंह, आदित्य उपस्थित थे। राजाजी नेशनल पार्क से एसीएफ चित्रांजलि नेगी, रेंज अधिकारी गौहरी राजेश जोशी, वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, देहरादून के प्रोजेक्ट एसोसिएट शशांक नगराले, वाइल्डलाइफ कंज़र्वेशनिस्ट एवं फोटोग्राफर अचिंत्य प्रताप और फॉरेस्टर आशीष गौड़ भी कार्यक्रम में उपस्थिति रहे।













