
AI-Based Apparel Center Opens in Baghpat: नई दिल्ली,19 मार्च 2026ः बागपत में चौधरी अजीत सिंह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को फैशन और डिजाइन के क्षेत्र में आधुनिक तकनीक से जोड़ना है। लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से बने इस केंद्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और 3D डिजाइन जैसे उन्नत उपकरणों का उपयोग करके कौशल विकास किया जाएगा।
AI-Based Apparel Center Opens in Baghpat: केंद्रीय मंत्री जयन्त चौधरी ने इस पहल को रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है, जिससे विशेष रूप से महिलाओं को आर्थिक आजादी मिलेगी। यहाँ उपलब्ध स्मार्ट क्लासरूम और एआई-आधारित सिलाई मशीनें काम की सटीकता बढ़ाकर कपड़े की बर्बादी को कम करने में मदद करेंगी। कुल मिलाकर, यह केंद्र पश्चिमी उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए नवाचार और उद्यमिता के नए द्वार खोलकर MSME सेक्टर को मजबूती प्रदान करेगा।
AI-Based Apparel Center Opens in Baghpat: केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा राज्य मंत्री जयन्त चौधरी ने बागपत में चौधरी अजीत सिंह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) फॉर डिजाइन एंड फैशन टेक्नोलॉजी का उद्घाटन किया। इस केंद्र की स्थापना अपैरल, मेड-अप्स एंड होम फर्निशिंग सेक्टर स्किल काउंसिल’ (एएमएचएसएससी) ने की है। इस अवसर पर केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय के डिप्टी सेक्रेटरी अमित मीणा, एएमएचएसएससी के चेयरमैन पद्मश्री डॉ. ए. सक्थिवेल और सीईओ आशीष श्रीवास्तव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
केंद्र से ग्रामीण युवाओं को रोजगार, उद्यमिता और नवाचार के नए अवसर मिलेंगे।
अपैरल सेक्टर देश में सबसे ज्यादा रोजगार देने वाले क्षेत्रों में से एक है और हर साल करीब 80 लाख लोगों को रोजगार देता है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए यह एक बड़ा अवसर है और इस तरह के सेंटर युवाओं के लिए नए रास्ते खोलेंगे।
पद्मश्री डॉ. सक्थिवेल ने बताया-
- करीब 9,000 वर्ग फुट में बने इस केंद्र पर लगभग 5 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है।
- यहां 3 स्मार्ट क्लासरूम, 43 आधुनिक सिलाई मशीनें (जिनमें 8 AI आधारित हैं), CAD-CAM सिस्टम, 3D डिजाइन सॉफ्टवेयर और अन्य आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं।
- केंद्र में डिजिटल वर्कस्टेशन, कंप्यूटरीकृत एंब्रॉयडरी यूनिट और सिमुलेशन आधारित ट्रेनिंग की सुविधा भी है, जिससे इंडस्ट्री जैसा माहौल मिलेगा।
- यह केंद्र अपैरल और फैशन टेक्नोलॉजी क्षेत्र में स्किल डेवलपमेंट, नवाचार और इंडस्ट्री के साथ सहयोग का आधुनिक हब होगा।
सीईओ आशीष श्रीवास्तव ने कहा, भारत के परिधान उद्योग में महिलाओं का अधिक योगदान हैं, और यह सेंटर ऑफ एक्सीलेंस उनके सशक्तिकरण के लिए तैयार किया गया है। एआई-आधारित प्रशिक्षण और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर को एक सुरक्षित और समावेशी वातावरण में उपलब्ध कराकर हम ग्रामीण महिलाओं को केवल कौशल ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास और आर्थिक स्वतंत्रता भी देना चाहते हैं। यह पहल उन्हें रोजगार पाने के साथ-साथ उद्यमी बनने और अपने परिवार तथा देश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देने में सक्षम बनाएगी।
सेंटर में 8 कोर्स शुरू किए गए हैं- सिलाई मशीन ऑपरेटर, फैशन डिजाइनिंग और एआई-आधारित प्रोग्राम
इस केंद्र की खास बात एआई आधारित सिलाई मशीनें हैं, जो कपड़े के प्रकार और मोटाई को पहचानकर खुद ही सिलाई की सेटिंग्स बदल लेती हैं। इससे काम तेजी से होता है, गलती कम होती है और कपड़े की बर्बादी भी घटती है।
सेंटर में CAD-CAM आधारित कटिंग लैब भी है, जहां डिजिटल पैटर्न और ऑटो कटिंग के जरिए सटीक और बेहतर गुणवत्ता का काम किया जाएगा।
इस पहल से खासकर ग्रामीण इलाकों के लाखों युवाओं को फायदा मिलने की उम्मीद है। इससे उन्हें रोजगार के लिए जरूरी कौशल मिलेगा और वे अपैरल सेक्टर में अपनी भागीदारी बढ़ा सकेंगे। साथ ही यह सेंटर ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देगा और MSME सेक्टर को नई तकनीक अपनाने में मदद करेगा।







