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कितनी अलग लाइफ है पेंगुइन की

ठंडे ध्रुवीय क्षेत्रों में रहने वाले सुंदर पक्षी पेंगुइन के जीवन के कुछ खास तथ्य बताते हैं कि ये कितने अलग तरह के प्राणी हैं। फीमेल पेंगुइन खाने की तलाश में लंबी दूरी तय करती हैं और मेल पेंगुइन अंडों का ख्याल रखते हुए उनको सेते हैं। पेंगुइन पक्षी होने के बाद भी उड़ नहीं सकते। ये पक्षी पानी के नीचे तैरते हुए मछलियों को भोजन बनाते हैं। इनकी आधी लाइफ जमीन पर और आधी समुद्र में बीतती है। 

फीमेल पेंगुइन समुद्र में भोजन तलाश करती हैं। ये दिन, सप्ताह या महीनों में वापस लौटती हैं। तब तक मेल पेंगुइन अंडों की सुरक्षा करते हैं और उनको सेते हैं। फीमेल पेंगुइन की वापसी के तुरंत बाद अधिकतर मेल पेंगुइन मर जाते हैं, क्योंकि वो बच्चों के लिए महीनों भूखे ही गुजार देते हैं। इसके अलावा हर फीमेल पेंगुइन हजारों के समूह में बिना किसी दिक्कत के अपने साथी पेंगुइन को पहचान लेती हैं। 

Rajesh Pandey

newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344

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