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Digital Evaluation System in MP Universities: अब ‘डिजिटल’ होगी कॉपियों की जांच, छात्र ऑनलाइन देख सकेंगे जांची गई कॉपियां

Digital Evaluation System in MP Universities: भोपाल, 27 जनवरी, 2026ः मध्य प्रदेश की उच्च शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सटीकता लाने के लिए प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने मंगलवार को मीडिया से चर्चा करते हुए घोषणा की, इस सत्र से प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में ‘डिजिटल वैल्यूएशन सिस्टम’ (Digital Evaluation System) लागू किया जाएगा।

Digital Evaluation System in MP Universities: उच्च शिक्षा मंत्री मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि वर्तमान में परीक्षाओं के बाद उत्तर पुस्तिकाओं (कॉपियों) को बंडलों में पैक कर एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजा जाता है। इस पारंपरिक प्रक्रिया में न केवल समय की बर्बादी होती है, बल्कि कॉपियों के खोने, फटने या उनमें हेरफेर की गुंजाइश भी बनी रहती है। उन्होंने कहा, “अब हम इस पुरानी व्यवस्था को बदलकर ऑनलाइन मूल्यांकन प्रणाली शुरू कर रहे हैं, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और भरोसेमंद बनेगी।

डिजिटल मूल्यांकन के फायदे:

  1. पारदर्शिता: हर कॉपी का डिजिटल रिकॉर्ड रहेगा कि उसे किसने और कब जांचा।

  2. सटीक परिणाम: अंकों को जोड़ने (Totalling) में होने वाली मानवीय गलतियां शून्य हो जाएंगी, क्योंकि सॉफ्टवेयर खुद गणना करेगा।

  3. परिणामों में तेजी: कॉपियों को फिजिकल तौर पर भेजने में लगने वाला समय बचेगा, जिससे रिजल्ट जल्दी घोषित होंगे।

  4. सुरक्षा: कॉपियों के गुम होने या मौसम (बारिश आदि) से खराब होने का डर खत्म हो जाएगा।

  5. री-चेकिंग में आसानी: यदि कोई छात्र पुनर्मूल्यांकन चाहता है, तो उसकी डिजिटल कॉपी तुरंत निकाली जा सकेगी।

Digital Evaluation System in MP Universities: उच्च शिक्षा मंत्री ने विश्वास जताया कि इस तकनीकी सुधार से विश्वविद्यालयों की विश्वसनीयता बढ़ेगी और छात्रों को समय पर रिजल्ट मिलने से उनके करियर के अगले पड़ाव में देरी नहीं होगी। शिक्षा विभाग ने इस सिस्टम को लागू करने के लिए सभी विश्वविद्यालयों को बुनियादी ढांचा तैयार करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।- स्रोतः DDNews

Rajesh Pandey

newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344

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