
Uttarakhand Fodder Seed Initiative 2025: उन्नत चारा बीज तथा कृषि नवाचारों के लिए एडवांटा और एम्पावर सोसाइटी करेंगे साझा पहल
Uttarakhand Fodder Seed Initiative 2025: देहरादून। उत्तराखंड में पशुपालन को सुदृढ़ करने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से शनिवार को महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बीज निर्माता कंपनी UPL Limited के Business Development Manager तथा एडवांटा एंटरप्राइजेज लिमिटेड (Advanta Enterprises) के बिजनेस मैनेजर इंडिया मानस भट्टाचार्जी और बिजनेस एसोसिएट वंश कपूर ने एम्पावर सोसाइटी (Empower Society) की सचिव मोनादीपा सरमा के साथ राज्य में “फोडर सीड (चारे के बीज) और नवीन कृषि पहलों” पर विस्तृत चर्चा की।
Uttarakhand Fodder Seed Initiative 2025: बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु उत्तराखंड के दुर्गम क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करना रहा। मानस भट्टाचार्जी ने बताया कि एडवांटा एंटरप्राइजेज, किसान समुदाय के साथ मिलकर ऐसे उन्नत चारे के बीजों (Fodder Seeds) पर काम करता है, जो संबंधित क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुकूल हों और कम पानी व प्रतिकूल मौसम में भी अधिक पैदावार दे सकें।
Uttarakhand Fodder Seed Initiative 2025: एम्पावर सोसाइटी की सचिव मोनादीपा सरमा ने बैठक के बारे में जानकारी देते हुए बताया, उत्तराखंड में पशुपालन आजीविका का मुख्य साधन है, लेकिन चारे की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। उन्होंने जोर दिया कि एडवांटा के तकनीकी सहयोग और एम्पावर सोसाइटी के जमीनी नेटवर्क के माध्यम से किसानों को न केवल बेहतर बीज उपलब्ध कराए जाएंगे, बल्कि उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों (Innovative Agro Initiatives) के प्रति प्रशिक्षित भी किया जाएगा। एम्पावर सोसाइटी द्वारा buy back भी किया जाएगा।
प्रमुख बिंदु जिन पर हुई चर्चा:
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उन्नत चारा प्रजातियां: अधिक पौष्टिक और तेजी से बढ़ने वाले चारे के बीजों का वितरण।
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सामुदायिक साझेदारी: स्थानीय किसानों को सीधे तौर पर इस मुहिम से जोड़ना।
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स्थायी समाधान: चारे के भंडारण और संरक्षण के लिए नए वैज्ञानिक तरीकों को अपनाना।
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तकनीकी मार्गदर्शन: एडवांटा की टीम द्वारा किसानों को बीजों के चयन से लेकर फसल कटाई तक का परामर्श देना।
सोसाइटी की सचिव मोनादीपा के अनुसार, इस साझा पहल से न केवल दुग्ध उत्पादन में वृद्धि की उम्मीद है, बल्कि यह कदम राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में ‘रिवर्स माइग्रेशन’ (पलायन रोकने) में भी सहायक सिद्ध हो सकता है।












