
India AI adoption and privacy
Newslive24x7.com, 30 November 2025: हाल ही में हुए जोहो (Zoho) के एक अध्ययन, जिसका नाम “द एआई प्राइवेसी इक्वेशन: इंडिया मार्केट रिपोर्ट” है, से भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपनाने के बारे में कई महत्वपूर्ण बातें सामने आई हैं।
93% भारतीय संगठन अब किसी न किसी रूप में AI का उपयोग कर रहे हैं। इस मामले में भारत दुनिया के अग्रणी देशों में से एक बन गया है। सबसे ज्यादा AI उपयोग सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट (47%), ग्राहक सेवा (41%), और उत्पाद विकास (37%) में हो रहा है।
India AI adoption and privacy : AI अपनाने के बाद, लगभग 71% संगठनों ने अपने प्राइवेसी (निजता) ढाँचों को मजबूत किया है, यानी उन्होंने सुरक्षा नियम, नैतिक समीक्षा (ethics reviews), और डेटा कम करने के उपाय लागू किए हैं।
92% व्यवसायों में अब प्राइवेसी टीमें या अधिकारी हैं, जो वैश्विक औसत से ज़्यादा है। 61% संगठनों ने AI से जुड़ी नैतिकता के लिए समितियाँ बनाई हैं। लगभग 65% कंपनियाँ अपने IT बजट का 20% से ज़्यादा हिस्सा प्राइवेसी सुरक्षा पर खर्च कर रही हैं।
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मुख्य समस्याएँ और प्रशिक्षण (Upskilling):
AI अपनाने में डेटा की ख़राब गुणवत्ता (44%), नियामक अनुपालन (regulatory compliance) (39%), और तकनीकी विशेषज्ञता की कमी (38%) मुख्य बाधाएं हैं । कर्मचारियों को AI साक्षरता, डेटा विश्लेषण, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, और मशीन लर्निंग/मॉडल डेवलपमेंट में प्रशिक्षित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
India AI adoption and privacy: यह रिपोर्ट बताती है कि मजबूत प्राइवेसी और नैतिक नियम AI को अपनाने की गति को धीमा नहीं करते, बल्कि विश्वास बढ़ाकर और जोखिम कम करके इसे और तेज करते हैं। यह भारत को जिम्मेदार AI विकास के लिए एक मॉडल के रूप में स्थापित कर रहा है।












