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Uttarakhand bear man-eater : थलीसैंण ब्लाक में आतंक मचा रहे भालू को मारने के आदेश, पर पहले ये कदम उठाएंगे

भालू के आतंक से ग्रामीणों को शीघ्र मिलेगी निजात: डॉ धन सिंह रावत

Uttarakhand bear man-eater:  देहरादून, 4 सितंबर 2025: श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र के थलीसैंण विकासखंड में ग्रामीणों को आतंकित कर रहे भालू को आदमखोर घोषित कर दिया गया है। ग्रामीणों और मवेशियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, वन विभाग ने इसे मारने का आदेश जारी किया है, लेकिन यह कदम केवल तभी उठाया जाएगा जब भालू को पकड़ने के अन्य सभी प्रयास विफल हो जाएं।

कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में उनके सरकारी आवास पर हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में कैबिनेट मंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों को भालू के आतंक से निजात दिलाने के निर्देश दिए, जिसके क्रम में प्रमुख वन संरक्षक (वन्य जीव) ने अंतिम विकल्प के रूप भालू को मारने के आदेश जारी कर दिए हैं।

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इस बैठक में वन विभाग के अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि शामिल थे। गढ़वाल वन प्रभाग के पैठाणी रेंज के कुण्डिल, कुचोली, सौंठ, कठयूड़, कुठ और खण्डतल्ला गांवों में भालू के लगातार हमलों पर चर्चा हुई।

जनप्रतिनिधियों ने बताया कि भालू ने अब तक दो दर्जन से ज़्यादा मवेशियों को मार डाला है, जिससे ग्रामीणों में दहशत है। स्कूली बच्चों और आम लोगों की जान को भी खतरा बना हुआ है। मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा, “ग्रामीणों और बच्चों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनता भयमुक्त जीवन जी सके, यही हमारा उद्देश्य है।”

प्रमुख निर्णय

  • पिंजरा लगाकर पकड़ना: प्रभावित इलाकों में सबसे पहले पिंजरे लगाकर भालू को सुरक्षित पकड़ने की कोशिश की जाएगी।
  • ट्रैंक्यूलाइजर का इस्तेमाल: यदि पिंजरे में पकड़ने का प्रयास विफल होता है, तो भालू को ट्रैंक्यूलाइजर का इस्तेमाल करके बेहोश किया जाएगा।
  • Uttarakhand bear man-eater: अंतिम उपाय: अगर ऊपर दिए गए सभी प्रयास असफल रहते हैं और ग्रामीणों की जान को खतरा बना रहता है, तो अंतिम विकल्प के तौर पर भालू को मारने की अनुमति दी गई है।

बैठक में अपर सचिव वन सी रवि शंकर, प्रमुख वन संरक्षक रंजन कुमार मिश्रा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

Rajesh Pandey

newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344

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