
Uttarakhand best practices: उत्तराखंड में विभाग बताएंगे अपनी सफलता की कहानियां
Uttarakhand best practices: देहरादून, 8 जुलाई 2025 : मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय सभागार में सचिव स्तर की बैठक आयोजित की गई। इस दौरान उन्होंने विभागीय “सर्वोत्तम कार्यप्रणाली (Best Practices)” और “सफलता की कहानियों” को दस्तावेज़बद्ध करने के महत्व पर जोर दिया।
मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को उनके सबसे प्रभावी पहलों (Uttarakhand best practices) की विस्तृत प्रस्तुति तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि इन सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को अद्वितीय और अभिनव होना चाहिए, आदर्श रूप से ऐसा जो अन्य राज्यों द्वारा लागू न किया गया हो, या फिर जो मौजूदा मॉडलों से अलग हो। ये प्रस्तुतियाँ संस्थागत और व्यक्तिगत दोनों स्तर की उपलब्धियों को कवर कर सकती हैं, जिनका उद्देश्य दूसरों को उत्कृष्टता के लिए प्रेरित करना है।
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मुख्य सचिव बर्द्धन ने विशेष रूप से आईटी, कृषि, उद्यान, बाल विकास, पंचायती राज, ग्रामीण विकास, सहकारिता, पशुपालन, वन विभाग, शिक्षा (सामान्य, तकनीकी और उच्च), स्वास्थ्य और आयुष जैसे विभागों में सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों की उच्च संभावना पर जोर दिया।
प्रभावी कार्यान्वयन और डिजिटल परिवर्तन पर जोर
मुख्य सचिव ने सभी सचिवों के लिए विभिन्न विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के प्रभावी कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने की महत्वपूर्ण आवश्यकता पर बल दिया। इसका लक्ष्य जनता को अधिकतम लाभ पहुँचाना है। उन्होंने विभागों से अपने अधिकांश कार्यों को ऑनलाइन माध्यम से संचालित करने पर भी जोर दिया, जिससे एक खुली, पारदर्शी, सहज और सुव्यवस्थित कार्यप्रणाली और व्यवस्था विकसित हो सके।
वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान का आश्वासन
मुख्य सचिव का एक महत्वपूर्ण निर्देश माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण और कल्याण अधिनियम – 2007 का गंभीरता से अनुपालन सुनिश्चित करना था। उन्होंने सभी संबंधित सचिवों और जिलाधिकारियों को इस अधिनियम का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वरिष्ठ नागरिक, जो ज्ञान और अनुभव की पूंजी हैं, अपने वृद्धावस्था को सम्मानपूर्वक जी सकें।
उपस्थित अधिकारी: बैठक में प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, एल.एल. फैनई और प्रदीप पंत; विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा; और सचिव नीतेश कुमार झा, रविनाथ रामन, डॉ. पंकज कुमार पांडेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, डॉ. श्रीधर बाबू , चंद्रेश यादव, डॉ. आर. राजेश कुमार, दीपेंद्र कुमार चौधरी, विनोद कुमार सुमन, रणवीर सिंह चौहान और धीरज सिंह गबर्याल सहित कई प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।













