महाराष्ट्र के युवा किसान ने अपने इनोवेशन से दिल जीत लिया

Rajesh Pandey
महाराष्ट्र के किसान कमलेश और लेंस कार्ट के सीईओ पीयूष बंसल। फोटो- सोशल मीडिया

कमलेश – जुगाड़ू किसान ने शार्क टैंक इंडिया के मंच पर प्रवेश किया और अपने अपने नवाचार कौशल के साथ जजेज को प्रभावित किया। महाराष्ट्र के मालेगांव के रहने वाले कमलेश पेशे से किसान हैं। उन्हें उन नई मशीनों का अविष्कार करना पसंद है, जो किसानों के जीवन को आसान बना सकती हैं।

कमलेश अपना एक अविष्कार शार्क टैंक इंडिया के मंच पर लेकर पहुंचे और अपनी कंपनी के 10 फीसदी शेयर के बदले में 30 लाख रुपये की मांग की। वो कहते हैं, ‘आवश्यकता सभी आविष्कारों की जननी है’, अपने पिता की दिक्कतों को देखकर उन्हें एक बहुउद्देशीय साइकिल बनाने का आइडिया मिला। इस साइकिल को कीटनाशक छिड़काव करने,  बीज बोने और कृषि का सामान ढो सकते हैं।

https://twitter.com/peyushbansal/status/1484223198229311488

उन्होंने इस साइकिल के लिए कच्चा माल एक स्थानीय स्क्रैप डीलर से मंगवाया था। इस साइकिल को बनाने में सात साल की मेहनत लगी। आश्चर्यजनक बात यह है कि उन्होंने कभी कोई औपचारिक शिक्षा नहीं ली है।

इस साइकिल को 8000 रुपये की लागत से बनाया गया है और कमलेश ने इसे 12000 रुपये में रिटेल करने की योजना बनाई है।हालांकि सभी जज उनकी बुद्धिमत्ता और कभी हार न मानने के हौसले से प्रभावित दिखे। लेंसकार्ट (Lenskart) के सीईओ और संस्थापक पीयूष बंसल (Pyush Bansal)  ने उन्हें 40 फीसदी इक्विटी के लिए ₹10 लाख और ₹20 लाख का कर्ज देने की पेशकश की। कमलेश इस प्रस्ताव को स्वीकार करके बहुत खुश हुए और कहा कि इससे उन्हें अपना ब्रांड “के जी एग्रोटेक” विकसित करने में मदद मिलेगी।

शार्क टैंक इंडिया (Shark Tank India) भारत का पहला व्यावसायिक रियलिटी शो है, जो सभी स्टार्टअप और भारत में व्यावसायिक उद्यम को आगे बढ़ाने में सहयोग करता है। यह कॉन्सेप्ट इसी नाम के एक अमेरिकी शो पर आधारित है और इसे सोनी टीवी पर सोमवार से शुक्रवार रात 9 बजे प्रसारित किया जाता है।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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