FeaturedUttarakhand

उत्तराखंड को बेस्ट एडवेंचर टूरिज्म के लिए पहला पुरस्कार

विश्व पर्यटन दिवस पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़ ने पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज पुरस्कार प्रदान किया

नई दिल्ली। विश्व पर्यटन दिवस पर केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड को बेस्ट एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन और पर्यटन के सर्वांगीण विकास के लिए प्रथम पुरस्कार प्रदान किया। उपराष्ट्रपति जगदीप धनकड़ ने यह पुरस्कार पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज को प्रदान किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस उपलब्धि पर कहा कि इससे उत्तराखंड के नैसर्गिक प्राकृतिक सौंदर्य एवं पर्यटन क्षेत्रों को देश व दुनिया में पहचान मिलेगी। उन्होंने कहा कि साहसिक पर्यटन के दृष्टि से प्रदेश में माउंटेनियरिंग, ट्रैकिंग, कैम्पिंग आदि गतिविधियों का काफी विस्तार हुआ है।

प्रदेश सरकार चारधाम कॉरिडोर की तर्ज पर कुमाऊँ क्षेत्र में मानस खंड कॉरिडोर बनाने के लिये भी प्रयासरत है। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि यह सम्मान प्रदेश के लिए गौरव की बात है। प्रदेश सरकार देश-विदेश के सैलानियों को प्रदेश में आने का निमंत्रण देती है। प्रदेश में पर्यटन की सभी श्रेणियों में हर प्रकार की सुविधाएं और अवसर उपलब्ध हैं।

 

Jewelry

newslive24x7

राजेश पांडेय, देहरादून (उत्तराखंड) के डोईवाला नगर पालिका के निवासी है। पत्रकारिता में  26 वर्ष से अधिक का अनुभव हासिल है। लंबे समय तक हिन्दी समाचार पत्रों अमर उजाला, दैनिक जागरण व हिन्दुस्तान में नौकरी की, जिनमें रिपोर्टिंग और एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में हिन्दुस्तान से मुख्य उप संपादक के पद से त्यागपत्र देकर बच्चों के बीच कार्य शुरू किया।   बच्चों के लिए 60 से अधिक कहानियां एवं कविताएं लिखी हैं। दो किताबें जंगल में तक धिनाधिन और जिंदगी का तक धिनाधिन के लेखक हैं। इनके प्रकाशन के लिए सही मंच की तलाश जारी है। बच्चों को कहानियां सुनाने, उनसे बातें करने, कुछ उनको सुनने और कुछ अपनी सुनाना पसंद है। पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।  अपने मित्र मोहित उनियाल के साथ, बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से डेढ़ घंटे के निशुल्क स्कूल का संचालन कर रहे हैं। इसमें स्कूल जाने और नहीं जाने वाले बच्चे पढ़ते हैं। उत्तराखंड के बच्चों, खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से ई पत्रिका का प्रकाशन करते हैं।  बाकी जिंदगी की जी खोलकर जीना चाहते हैं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता - बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक और एलएलबी, मुख्य कार्य- कन्टेंट राइटिंग, एडिटिंग और रिपोर्टिंग

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button