देहरादून। 20 फरवरी, 2025
उत्तराखंड के वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने विधानसभा में बजट पेश कर दिया।
विधानसभा में वर्ष 2025-26 के लिए प्रस्तुत बजट ₹1,01,175.33 करोड़ का है, जो कि पिछले वर्ष 2024-25 के बजट से 13.38 फीसदी अधिक है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है, इस बजट में शिक्षा, ग्रामीण विकास, इन्फ्रास्ट्रक्चर, चिकित्सा, उद्योग आदि क्षेत्रों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
मुख्यमंत्री धामी ने विधानसभा में बजट पेश होने के बाद मीडिया से औपचारिक वार्ता करते हुए उत्तराखंड के रजत जयंती वर्ष में बजट को ऐतिहासिक बताते हुए वित्त मंत्री और पूरी टीम को बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य निर्माण के रजत जयंती वर्ष में बजट के आकार ने ₹1 लाख करोड़ को पार किया है।
पिछले बजट की तुलना में इस वर्ष के बजट में 13 प्रतिशत वृद्धि हुई है।
उत्तराखंड राज्य के प्रथम बजट से इस बार का बजट 24 गुना अधिक है।
बजट इकोलॉजी, इकोनॉमी इनोवेशन, इन्क्लूसिव और सस्टेनेबल डेवेलपमेंट के साथ-साथ टेक्नोलॉजी और अकाउंटेबिलिटी को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि रीवर फ्रंट डेवेलपमेंट योजना, प्रवासी उत्तराखंड परिषद का गठन, स्मार्ट सिटी के अंतर्गत इलेक्ट्रिक बसों का संचालन, खेल विश्वविद्यालय की स्थापना, होमगार्ड कल्याण कोष का गठन, पुलिस कर्मियों के उत्साहवर्धन के लिए रिवाल्विंग फंड की स्थापना जैसी अनेक नए पहलुओं को इसमें सम्मिलित किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट (नमो) अर्थात नवाचार, आत्मनिर्भर उत्तराखंड, महान विरासत व ओजस्वी मानव संसाधन की थीम पर आधारित है।
उन्होंने कहा कि बजट में राज्य के समावेशी एवं समग्र विकास के लिए (ज्ञान) अर्थात गरीब कल्याण, युवा, अन्नदाता एवं नारी कल्याण को केंद्र में रखा गया है।
राज्य सरकार ने इस बजट में वित्तीय प्रबंधन पर भी विशेष जोर दिया है।
उन्होंने कहा कि हम अपने संसाधनों से राज्य की आय बढ़ाने का प्रयास करेंगे।
बजट में शिक्षा, ग्रामीण विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर, चिकित्सा, उद्योग आदि क्षेत्रों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूल मंत्र के अनुरूप बजट है।



