Benefits of being a good listener: अजनबियों को दोस्त बनाना है? तो बस एक अच्छा श्रोता बनें: नया शोध

Rajesh Pandey
A person actively listening to a stranger. An AI Gemini generated Image.

Benefits of being a good listener: newslive24x7.com,19 दिसंबर 2025ः क्या आप जानते हैं कि किसी अजनबी से गहरा जुड़ाव बनाने के लिए आपको बहुत ज्यादा बोलने की जरूरत नहीं है? हाल ही में हुए एक वैज्ञानिक अध्ययन ने साबित किया है कि सक्रिय रूप से सुनना (Active Listening) ही वह गुप्त चाबी है, जो नए रिश्तों के दरवाजे खोलती है।

नॉर्थ कैरोलिना यूनिवर्सिटी (UNC), चैपल हिल के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए इस अध्ययन को प्रतिष्ठित जर्नल कम्युनिकेशन्स साइकोलॉजी में प्रकाशित किया गया है। इस रिसर्च में 646 वयस्कों को शामिल किया गया, जिन्हें अनजान लोगों के साथ बातचीत करने के लिए कहा गया।

वीडियो रिकॉर्डिंग्स के गहन विश्लेषण के बाद यह पाया गया कि जो लोग बातचीत के दौरान ध्यान से सुन रहे थे, उनके बीच न केवल संवाद बेहतर हुआ, बल्कि उन्होंने एक-दूसरे के साथ अधिक निकटता भी महसूस की।

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Benefits of being a good listener: अच्छे श्रोता कैसे जीतते हैं दिल?

अध्ययन ने उन विशिष्ट व्यवहारों की पहचान की है जो एक साधारण बातचीत को गहरी दोस्ती में बदल देते हैं:

  • फॉलो-अप सवालों की शक्ति: जो श्रोता स्पीकर की बात से जुड़े हुए सवाल पूछते हैं, वे बहुत जल्दी और मजबूत कनेक्शन बनाने में सफल रहते हैं।

  • स्वीकार्यता (Acknowledgment): वक्ता की बात को मानना और उसे महत्व देना जुड़ाव की भावना को बढ़ाता है।

  • एकाग्रता का महत्व: शोध में देखा गया कि जो लोग बातचीत के दौरान विचलित (Distracted) थे, वे सामने वाले से जुड़ाव महसूस करने में पूरी तरह विफल रहे।

  • स्वाभाविक सुधार: दिलचस्प बात यह है कि जब लोग वाकई दोस्ती करना चाहते हैं, तो उनके सुनने की क्षमता स्वाभाविक रूप से बेहतर हो जाती है।

Benefits of being a good listener: सुनने के फायदे: सिर्फ रिश्ता ही नहीं, सेहत भी

आज के डिजिटल युग में, जहाँ हर कोई अपनी बात कहना चाहता है, वहां दूसरों को सुनना एक दुर्लभ गुण बन गया है। इसके फायदे बहुआयामी हैं:

क्षेत्रलाभ
मानसिक स्वास्थ्यअकेलापन कम होता है और मन प्रसन्न रहता है।
सामाजिक जीवननेटवर्किंग और सोशल इवेंट्स में आपकी लोकप्रियता बढ़ती है।
भावनात्मक जुड़ावसामने वाला व्यक्ति खुद को सुरक्षित और सम्मानित महसूस करता है।

विशेषज्ञ की सलाह: अगली बार जब आप किसी पार्टी या प्रोफेशनल इवेंट में हों, तो अपना फोन जेब में रखें और सामने वाले को अपना पूरा ध्यान दें। यह छोटा सा बदलाव आपके सामाजिक दायरे को बड़ा बना सकता है।

सुनना केवल शांत रहना नहीं है, बल्कि सामने वाले के प्रति उपस्थित रहना है। यदि आप भी नए दोस्त बनाना चाहते हैं या अपने मौजूदा रिश्तों को गहरा करना चाहते हैं, तो ‘अच्छे श्रोता’ बनने का अभ्यास आज से ही शुरू करें।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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