घर में रखे अनाज को बचाने के कुछ घरेलू उपाय आपकी रसोई में ही हैं

Rajesh Pandey
'टिहरी गढ़वाल के कोल गांव के निवासी श्याम किशोर बिजल्वाण ने धान का लगभग सौ साल से चल रहा बीज दिखाया। फोटो- राजेश पांडेय

न्यूज लाइव डेस्क

घर में रखे अनाज को कीड़ों से बचाने के लिए कुछ घरेलू उपाय आपकी रसोई में ही उपलब्ध हैं। अनाज को कीड़ों से बचाने के लिए कुछ घरेलू उपाय इस प्रकार हैं-

तेज पत्ता: अनाज के डिब्बे में तेज पत्ता डालकर रखने से अनाज में कीड़े नहीं लगते हैं। तेज पत्ते में प्राकृतिक रूप से कीटनाशक गुण होते हैं, जो अनाज में कीड़ों को पनपने से रोकते हैं। इसकी तीखी सुगंध कीड़ों को दूर रखती है।

नीम के पत्ते: नीम के पत्तों को अनाज में डालने से कीड़े नहीं लगते हैं। नीम के पत्तों में एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण होते हैं, जो अनाज को कीड़ों और फंगस से बचाते हैं। यह एक प्राकृतिक कीटनाशक है।

लौंग: लौंग की खुशबू से कीड़े दूर भागते हैं। आप अनाज के डिब्बे में कुछ लौंग डाल सकते हैं। लौंग की तेज और तीखी गंध कीड़ों को दूर रखती है। इसमें एंटीसेप्टिक गुण भी होते हैं।

हल्दी: हल्दी में एंटीसेप्टिक और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो कीड़ों को दूर रखने में सहायक होते हैं। यह फफूंद लगने से भी बचाता है।

  • हल्दी का पाउडर: अनाज के डिब्बे में थोड़ी सी हल्दी का पाउडर छिड़क दें।
  • हल्दी की गांठ: आप अनाज के डिब्बे में हल्दी की कुछ गांठें भी रख सकते हैं।

नमक: नमक नमी को सोख लेता है, जिससे अनाज में कीड़ों के पनपने की संभावना कम हो जाती है। यह अनाज को लंबे समय तक ताजा रखने में भी मदद करता है।

हींग: हींग की तेज गंध कीड़ों को दूर रखती है। अनाज के डिब्बे में हींग की एक छोटी पोटली रखें। यह एक प्राकृतिक कीटनाशक है।

धूप: अनाज को समय-समय पर धूप में सुखाने से कीड़े नहीं लगते हैं।

नमक: साबुत नमक को कपड़े में बांधकर अनाज में रखने से कीड़े नहीं लगते हैं।

अनाज को साफ और सूखा रखें: अनाज को हमेशा साफ और सूखे डिब्बों में रखें। नमी कीड़ों को आकर्षित करती है।

अनाज को नियमित रूप से जांचें: अनाज को नियमित रूप से जांचते रहें और किसी भी कीड़े के दिखाई देने पर उसे तुरंत हटा दें।

अनाज को एयरटाइट डिब्बों में रखें: अनाज को एयरटाइट डिब्बों में रखने से कीड़ों को अंदर जाने से रोका जा सकता है।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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