Uttarakhand new school curriculum: देहरादून, 4 सितंबर 2025: उत्तराखंड में स्कूली शिक्षा के लिए नई पाठ्यचर्या (करिकुलम) को राज्य स्तरीय टास्क फोर्स ने सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। इस नई रूपरेखा के तहत, राज्य के सभी स्कूलों में अब साल में 240 दिन पढ़ाई होगी, जबकि परीक्षा और मूल्यांकन के लिए 20 कार्य दिवस तय किए गए हैं।
मुख्य बिंदु: Uttarakhand new school curriculum
- शैक्षणिक दिवस: स्कूलों में साल में 240 दिन अनिवार्य रूप से कक्षाएं लगेंगी।
- सप्ताह में पढ़ाई: हर सप्ताह 32 घंटे का शैक्षणिक कार्य निर्धारित किया गया है।
- परीक्षा और मूल्यांकन: परीक्षाओं के लिए 20 दिन आवंटित किए गए हैं।
- गैर-शैक्षणिक गतिविधियां: सह-शैक्षणिक गतिविधियों के लिए 10 दिन और ‘बस्ता रहित दिवस’ के लिए भी 10 दिन तय किए गए हैं।
पाठ्यचर्या की संरचना
यह नई पाठ्यचर्या राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की सिफारिशों के अनुरूप बनाई गई है और इसे पांच मुख्य भागों में बांटा गया है:
- उद्देश्य और लक्ष्य: इसमें शिक्षा के व्यापक उद्देश्यों, मूल्यों और आवश्यक कौशलों को स्पष्ट किया गया है।
- महत्वपूर्ण विषय: इसमें मूल्य-आधारित शिक्षा, पर्यावरण संवेदनशीलता, समावेशी शिक्षा, और शैक्षणिक प्रौद्योगिकी जैसे विषयों को शामिल किया गया है।
- शिक्षण और मूल्यांकन: इसमें विषयों की रूपरेखा, शिक्षण मानक और मूल्यांकन के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
- स्कूल का वातावरण: इसमें विद्यालयी संस्कृति क्रिया-कलाप एवं प्रक्रियाएं, विद्यालय में अनुकूलित शैक्षणिक एवं पर्यावरणीय वातावरण के साथ सामाजिक मूल्यों एवं स्वभावों को विकसित करने की गतिविधियों का समावेश है।
- बुनियादी ढांचा और समुदाय: इसमें विद्यालयी शिक्षा की समग्र पारिस्थितिकी तंत्र के लिए शिक्षा क्षमताएं, सेवा-शर्ते, भौतिक एवं बुनियादी ढांचें तथा समुदाय व परिवार की भूमिका का समावेश किया गया है।
इस बैठक में मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन और शिक्षा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।



