Land Fraud Cases in Garhwal 2026: लैडफ्रॉड के नये मामलों में 74 देहरादून और हरिद्वार के 15 मामले
देहरादून, 02 मई, 2026ः गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में शनिवार को सर्वे चौक स्थित कैंप कार्यालय में लैंड फ्रॉड समन्वय समिति की उच्चस्तरीय बैठक हुई। बैठक में पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में प्राप्त रिपोर्ट की समीक्षा की गई। इस दौरान समिति ने लैंड फ्रॉड से संबंधित 20 लंबित एवं 105 नए मामलों सहित 125 मामलों सुनवाई की गई। इस दौरान समिति ने कुल 45 प्रकरणों के निस्तारण के साथ ही 24 अत्यंत गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज कराने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त भूमि संबंधी धोखाधड़ी, अवैध कब्जा वाले अन्य 11 मामलों पर भी आयुक्त ने एफआईआर दर्ज कराने के आदेश जारी किए हैं।
Land Fraud Cases in Garhwal 2026: लैंड फ्रॉड समिति के समक्ष आए नए मामलों में सबसे अधिक 74 देहरादून जनपद के है, जबकि हरिद्वार के 15, पौड़ी के 13, टिहरी के 02 तथा चमोली का 01 प्रकरण भी इसमें शामिल है।
| जनपद | नए मामलों की संख्या |
| देहरादून | 74 (सर्वाधिक) |
| हरिद्वार | 15 |
| पौड़ी | 13 |
| टिहरी | 02 |
| चमोली | 01 |
Land Fraud Cases in Garhwal 2026: गढ़वाल आयुक्त ने बताया कि हर 15 दिन में लैंड फ्रॉड मामलों की समीक्षा की जा रही है। आयुक्त ने कहा कि जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं- बिना जमीन के ही बिक्री, खसरा नंबर में हेरफेर कर अलग भूमि देना, दो बीघा भूमि को 4 बीघा बताकर बेचना जैसे गंभीर फर्जीवाड़े उजागर हुए हैं।
| विवरण | संख्या / जानकारी |
| कुल मामलों पर सुनवाई | 125 |
| नए मामले | 105 |
| लंबित (पुराने) मामले | 20 |
| कुल निस्तारित प्रकरण | 45 |
| FIR दर्ज करने के निर्देश | 35 |
| बैठक की अध्यक्षता | विनय शंकर पांडेय (गढ़वाल आयुक्त) |
| अगली समीक्षा अवधि | हर 15 दिन में |
आयुक्त ने ऐसे मामलों में पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त भूमि धोखाधड़ी, अवैध कब्जा वाले अन्य 11 मामलों पर भी आयुक्त ने एफआईआर दर्ज कराने के आदेश जारी किए हैं। आयुक्त ने कहा कि 24 एफआईआर योग्य मामलों के अतिरिक्त 45 अन्य प्रकरणों का भी निस्तारण किया गया है। इनमें कुछ मामलों में दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौता हो गया है। कुछ में लेन-देन की समस्या प्रशासनिक हस्तक्षेप से सुलझ गई और धनराशि वापस कर दी गई। वहीं, कुछ प्रकरण सिविल न्यायालय में लंबित पाए गए, जिनमें बेनामा निरस्तीकरण से संबंधित विवाद हैं और इनमें लैंड फ्रॉड नहीं पाया गया। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों का निस्तारण विधिवत न्यायालय के माध्यम से ही होगा।
आयुक्त ने विशेष रूप से बड़े भू क्षेत्र से जुड़े मामलों में कार्रवाई में हो रही देरी पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे लंबित प्रकरणों में 15 दिनों के भीतर ठोस प्रगति लाना सुनिश्चित करें।
ऐसे मामले, जिनमें अवैध निर्माण सिद्ध हो चुका है, उनमें तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जाए। भूमि धोखाधड़ी के सभी मामलों में अनिवार्य रूप से प्राथमिकी दर्ज कर कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए है। जो मामले भूमि धोखाधड़ी से संबंधित नहीं हैं, उनकी सूचना शिकायतकर्ता को भी दी जाए। आयुक्त ने निर्देश दिए कि भूमि से संबंधित मामलों में प्रारंभिक स्तर पर ही विवाद की पहचान कर आवश्यक प्रतिबंधात्मक कदम उठाए जाएं, जिससे भविष्य में जटिलताएं उत्पन्न न हों।
लैंड फ्रॉड समन्वय समिति की बैठक में पुलिस महानिरीक्षक गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर आयुक्त उत्तम सिंह चौहान, अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा, अपर जिलाधिकारी टिहरी शैलेन्द्र सिंह नेगी, एसपी (ग्रामीण) जया बलूनी, डीजीसी नितिन वशिष्ठ, एसडीएम डोईवाला अपर्णा ढौंडियाल, एसडीएम कुमकुम जोशी, एसडीएम यमकेश्वर छत्तर सिंह चौहान, एसडीएम गैरसैंण अहमद अबरार, उप निबंधक स्टाम्प रामदत्त मिश्र सहित वर्चुअल माध्यम से सभी संबंधित तहसीलों के वरिष्ठ अधिकारी व तहसीलदार उपस्थित थे। स्रोतः जिला सूचना कार्यालय देहरादून




