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OAuth token attack safety tips for users: बिना सोचे समझे किसी भी ऐप को सोशल अकाउंट से लॉगिन न करें

हमेशा भरोसेमंद ऐप या वेबसाइट पर ही Google, Facebook, Microsoft लॉगिन का उपयोग करें

OAuth token attack safety tips for users: आजकल हम कई वेबसाइट और ऐप में “Google से लॉगिन करें”, “Facebook से साइन इन करें” जैसे विकल्प इस्तेमाल करते हैं। यह सुविधाजनक तो है, लेकिन इसके पीछे OAuth नाम का एक सिस्टम काम करता है, जो आपके अकाउंट की सुरक्षा के लिए कई बार जोखिम भी ला सकता है। इस आर्टिकल में जानते हैं कि OAuth टोकन क्या है, OAuth टोकन अटैक कैसे होता है, और आप इससे कैसे बचाव कर सकते हैं।

OAuth token attack safety tips for users

OAuth एक डिजिटल पास की तरह होता है, जो किसी ऐप को आपकी अनुमति के बिना आपका पासवर्ड न मांगकर सीमित एक्सेस देता है। उदाहरण के लिए, जब आप “Google से लॉगिन” चुनते हैं तो आपके तरफ से Google उस ऐप को एक एक्सेस टोकन देता है, जिससे वह ऐप आपकी कुछ जानकारी तक पहुंच पाता है।

OAuth टोकन अटैक क्या है?

OAuth token attack safety tips for users:  इस तरह के हमले में हैकर आपके अकाउंट का पासवर्ड नहीं बल्कि OAuth टोकन चुरा लेता है, जो उसे आपके नाम से आपकी जानकारी तक पहुँच प्रदान करता है। यह टोकन कई बार गलत ऐप से अनुमति मांगकर या फिशिंग के जरिए चोरी हो सकता है। इस तरह हैकर बिना आपके पासवर्ड के आपके मेल, ड्राइव या सोशल मीडिया तक पहुंच सकता है।

आम नागरिक के लिए उपयोगी सुरक्षा टिप्स (OAuth token attack safety tips for users )

सोशल लॉगिन का इस्तेमाल सोच समझकर करें।

हमेशा भरोसेमंद ऐप या वेबसाइट पर ही Google, Facebook, Microsoft लॉगिन का उपयोग करें। छोटी या अपरिचित वेबसाइट को पूरा एक्सेस न दें।

परमिशन को ध्यान से पढ़ें।

जब कोई ऐप आपसे अनुमति मांगता है, तो पढ़ें कि वह क्या एक्सेस माँग रहा है। अगर पूरा मेलबॉक्स, पूरी ड्राइव या कॉन्टैक्ट की मांग हो, तो सावधानी बरतें।

अपनी सेटिंग्स में जाएं और पुराने एक्सेस हटाएं।

Google, Microsoft या Facebook अकाउंट की सुरक्षा सेटिंग में जाकर समय-समय पर देखिए कि आपने किन-किन ऐप्स को एक्सेस दिया है। जो जरूरी नहीं हैं, उनका एक्सेस रिवोक (रद्द) कर दें।

फिशिंग लिंक से बचाव करें।

किसी भी ईमेल, SMS या व्हाट्सएप लिंक पर क्लिक करने से पहले पहचान लें कि वह विश्वसनीय है या नहीं। सीधे आधिकारिक वेबसाइट से ही लॉगिन करें।

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सार्वजनिक वाई-फाई पर सावधान रहें।

सार्वजनिक जगहों पर फ्री वाई-फाई का उपयोग करते वक्त बैंकिंग, सरकारी पोर्टल या मेल जैसी सेवाओं में लॉगिन करने से बचें।

OAuth टोकन अटैक के खतरे से बचने के लिए जागरूकता और सावधानी बहुत जरूरी है। अपने सोशल लॉगिन अनुमतियों को नियंत्रित रखें, अनजान लिंक न खोलें और नियमित रूप से अपने अकाउंट सुरक्षा सेटिंग्स की जाँच करें। इस छोटे से प्रयास से आप अपना और अपने परिवार का डिजिटल जीवन सुरक्षित रख सकते हैं।

यह भी जानिए

भारत डिजिटल परिदृश्य में दुनिया भर में अग्रणी देश के रूप में उभरा है। इसके पास 936 मिलियन इंटरनेट ग्राहक (दिसंबर 2023 तक, ट्राई) हैं, जो इसे दुनिया भर में सबसे बड़े कनेक्टेड देशों में से एक बनाता है। ‘डिजिटल नागरिक’ कहे जाने वाले भारतीय तेजी से अपने दैनिक जीवन में इंटरनेट का इस्तेमाल कर रहे हैं। भारतीय नागरिक व्यावसायिक लेनदेन, शिक्षा, वित्तीय गतिविधियों और डिजिटल रूप से सरकारी सेवाओं तक पहुंचने जैसी आवश्यक जरूरतों के लिए इस पर निर्भर हैं।

ऐसे में एक सुरक्षित डिजिटल वातावरण की अहमियत को समझते हुए भारत सरकार अपने विशाल ऑनलाइन समुदाय की सुरक्षा के उद्देश्य से मजबूत नीतियों को लागू कर रही है। ये उपाय आज की परस्पर जुड़ी दुनिया में साइबर खतरों और हमलों के बढ़ते प्रचलन के बीच एक सुरक्षित, भरोसेमंद और सुरक्षित साइबरस्पेस सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं।

Rajesh Pandey

newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344

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