By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
Reading: हरीश रावत ने अपना नया नाम रख लिया
Share
Notification Show More
Font ResizerAa
NEWSLIVE24x7NEWSLIVE24x7
Font ResizerAa
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
  • About
  • Agriculture
  • Uttarakhand
  • Blog Live
  • Career
  • News
  • Contact us
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • Advertise
  • Advertise
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
- Advertisement -
Ad imageAd image
NEWSLIVE24x7 > Blog > Agriculture > हरीश रावत ने अपना नया नाम रख लिया
AgricultureElectionFeaturedUttarakhand

हरीश रावत ने अपना नया नाम रख लिया

Rajesh Pandey
Last updated: March 16, 2022 3:38 pm
Rajesh Pandey
4 years ago
Share
SHARE
  • राजेश पांडेय

उत्तराखंड की राजनीति में सोशल मीडिया से लेकर धरातल तक पर ज्यादा सक्रिय पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने अब अपना एक और नाम रखा है, वो है गन्ना मैन। रावत कहते हैं,  I am the Ganna man. हालांकि वो अपना नाम गन्ना मैन रखने के पीछे जो वजह बताते हैं, उसके मूल में उतना ही काफी नहीं है।

सबसे पहले तो इस बात को समझना होगा कि गन्ना मैन नाम उन्होंने स्वयं रखा है। यह नाम उनको लोगों से नहीं मिला। न ही कोई ऐसी मिसाल कायम की है, जिससे कहा जा सके कि उत्तराखंड में कोई व्यक्ति गन्ने की खेती और पैदावार को बढ़ाने के लिए इतना सबकुछ कर रहा है, जिससे किसान, खासकर गन्ने की खेती में पहले से ज्यादा समृद्ध हो गए हों। बल्कि जिन वर्षों में हरीश रावत उत्तराखंड के मुख्यमंत्री थे, तब गन्ना क्षेत्रफल, गन्ना उत्पादन में लगातार कमी के ही आंकड़ें हैं।

देखिए – गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग के आंकड़ें

Year

Cane Area (Hec)

 Cane Production (Lac. Ton)

Yield (Lac. qtl)

2010-201110486063.94609.00
2011-201210881764.06588.60
2012-201311239469.71620.20
2013-201410992762.69574.00
2014-20159879460.96617.00
2015-20169306656.76610.00
2016-20178495651.42605.00
2017-20188605359.81695.00
2018-20199293870.17755.00
2019-20208493069.90823.00
2020-20218408862.20 Tentative823.00 Tentative

सबसे पहले हरीश रावत की उस सोशल मीडिया पोस्ट को जानिए, जिसमें उन्होंने स्वयं को गन्ना मैन घोषित किया है। वो लिखते हैं-

आई एम दी गन्ना मैन

शायद आपको मेरा नाम पसंद नहीं आया l उनको भी नहीं आया था, जिनके लिए मैं गन्ना मैन बना l संयोग था सन 2009 में l मैं हरिद्वार से लोकसभा का चुनाव जीता l दोस्तों ने मुझे निपटाने के लिए हरिद्वार भेजा था, मगर हरिद्वार ने सांसद बना दिया l

यह भी पढ़ें- गन्ने से सुनिये, जिंदगी की कहानी

जीत के बाद सोचता था ऐसा क्या करूं, जिससे मैं हरिद्वार का दिल जीत लूं l

एक दिन यकायक अनुभूति हुई कि स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह जी की मृत्यु के बाद ,”गन्ना पुरुष ” का पद खाली है l मैंने सोच विचार कर “गन्ना मैन ” बनने का निश्चय कर डाला, हरिद्वार आते-आते खूब गौर से मैं गन्ने के खेतों में गन्ना ढोने वाली ट्राली , पिराई करने वाली चरखी, गुड़ के ढेरों , चीनी मिलों को देखने लगा l

अपने आप को गन्ना मैन के रूप में तैयार करने लगा l हिंदू और मुसलमान, दलित, स्वर्ण सबका प्यारा गन्ना l सबका दोस्त गन्ना l धर्मनिरपेक्ष जाति निरपेक्ष गन्ना l मैं जितना सोचता मन वाह वाह करता l मुझे खुशी है गन्ना मैन बनने की चाह में मैंने गन्ना किसानों के लिए बहुत कुछ सार्थक कर पाने मैं सफलता पाई l

जय जवान , जय किसान

हरीश रावत राजनीतिक शख्सियत हैं और उनकी सोशल मीडिया पोस्ट भी सियासत से बाहर नहीं होतीं। उन्होंने देश में किसानों के बीच सबसे लोकप्रिय नेता पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह जी का जिक्र करते हुए कहा है कि गन्ना पुरुष का पद खाली है। मैंने सोच विचार कर गन्ना मैन बनने का निश्चय कर डाला। इससे सीधे तौर पर यह संदेश दिया है कि चौधरी चरण सिंह जी के बाद यदि गन्ना किसानों को कोई हितैषी है तो वो हरीश रावत हैं।

यह भी पढ़ें- बागवानी फसलों के लिए नई पॉलीहाउस प्रौद्योगिकी

यहां रावत ने स्वयं को गन्ना मैन घोषित करने के बाद, यह भी स्पष्ट किया कि गन्ना हिन्दू और मुसलमान, दलित, स्वर्ण सबको प्यारा है। वो गन्ने को धर्मनिरपेक्ष, जाति निरपेक्ष बताते हैं। और स्वयं को गन्ना मैन। आप आसानी से समझ सकते हो, हरीश रावत आखिर कहना क्या चाहते हैं।  

जरूर पढ़ें-किसान को फिर नुकसान, धान के बाद अब गन्ने पर रोग का संकट

सियासत करने वाले उत्तराखंड का वोटों के नजरिये से आकलन कर रहे हैं। इसी में एक चुनावी आकलन किसानों को लेकर भी है। यहां बात गन्ना बेल्ट की हो रही है, जिनमें देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर व नैनीताल जिले का मैदानी हिस्सा शामिल हैं।

गन्ना क्षेत्रफल के हिसाब से सबसे आगे हरिद्वार, उसके बाद ऊधमसिंह नगर, फिर देहरादून और नैनीताल का नंबर आता है। राज्य में वर्ष 2020-21 में कुल गन्ना क्षेत्रफल 84088 हेक्टेयर है, जो कि प्रति वर्ष कम होता जा रहा है। वर्ष 2010-11 में 104860 हेक्टेयर था। पूरे राज्य में लगभग सवा लाख गन्ना किसान हैं।

गन्ना बेल्ट वाले जिन जिलों की बात की जा रही है, वहीं सबसे ज्यादा धर्म, जाति आधारित राजनीति पर फोकस किया जाता रहा है। हरीश रावत ने पद यात्राओं एवं मौन उपवास के माध्यम से गन्ना किसानों के साथ खड़े दिखाई दे रहे हैं। वो गन्ना मूल्य घोषित करने की मांग करते हैं और अपनी सरकार के समय गन्ना किसानों के हित में किए गए कार्यों को बताते हैं।

वो एक वीडियो भी जारी करते हैं, जिसमें मंडुए का भी जिक्र करते हुए कहते हैं, मैंने अपने कार्यकाल में मंडुए के साथ गन्ने को भी थामा। अपने कार्यकाल में गन्ने का सर्वाधिक मूल्य घोषित किया। गन्ने की बुआई पद्धति से लेकर मॉर्डनाइजेशन किया। गन्ने का बीज लखनऊ, कोयम्बटूर और अन्य जगहों से लाए। सारा बीज परिवर्तन किया। जिससे प्रति हेक्टेयर उपज एवं रिकवरी बढ़े। इसी का परिणाम है कि किसान पूरी तरह तो नहीं कहूंगा, करीब-करीब संतुष्ट है। उनको उत्तर प्रदेश की तुलना में अच्छा भाव और समय पर मिल जा रहा है।

यह भी पढ़ें- उत्तराखंड में कोविड के बाद किसानों पर दूसरा बड़ा संकट

किसानों को गन्ना मूल्य का भुगतान समय पर कराने के लिए चीनी मिलों को आसवनी, बिजली बनाने को कहा। इससे cumulative effect लाया, ताकि गन्ना आर्थिक विकास का आधार बने। जब व्यक्ति को घर में रोजगार मिलेगा तो वो घर छोड़कर क्यों जाएगा।

यह भी पढ़ें- दुनियाभर में खाद्य प्रणालियां महिलाओं के श्रम पर निर्भर

अब आपको बताते हैं, उत्तराखंड में गन्ने के बारे में कुछ खास जानकारियां-

आर्थिक सर्वेक्षण 2020-21 के अनुसार उत्तराखंड में कुल कृषि का नौ फीसदी गन्ना क्षेत्र है। पर्वतीय क्षेत्र में गन्ना उत्पादन नहीं होता है। राज्य में मैदानी हिस्सों में ही गन्ना उत्पादन होता है।

वहीं राज्य में कुल खेती का सबसे ज्यादा गेहूं 31 फीसदी, धान 23 फीसदी व मंडुआ दस फीसदी क्षेत्रफल में है। क्षेत्रफल के अनुसार गन्ना चौथे नंबर की फसल है।

उत्तराखंड में सात चीनी मिल हैं। इनमें सहकारी व सार्वजनिक क्षेत्र की दो-दो तथा निजी क्षेत्र की तीन चीनी मिल हैं।

You Might Also Like

एक जुलाई से लागू होने वाले तीन नये अपराधिक कानूनों पर ‘वार्तालाप’
समीक्षा अधिकारी/ सहायक समीक्षा अधिकारीः प्रारंभिक परीक्षा एक अगस्त को, प्रवेश पत्र डाउनलोड करें
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने एक दिन में लिए ये बड़े फैसले
मुख्यमंत्री ने स्वरोजगार योजनाओं के ऋण स्वीकृति पत्र बांटे
उत्तराखंडः सरकार ने चारधाम यात्रियों को लेकर जारी किए ये निर्देश
TAGGED:Former Chief Minister Harish RawatGanna UtpadanHarish RawatHarish Rawat PostStory of Sugar CaneSugar cane production in Uttarakhand
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp Email Copy Link Print
ByRajesh Pandey
Follow:
newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
Previous Article उत्तराखंड में जूनियर इंजीनियर्स के 776 पदों पर नौकरियां, आवेदन करें
Next Article वर्ष 2025 तक उत्तराखंड बनेगा हर क्षेत्र में अग्रणी राज्यः धामी
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

https://newslive24x7.com/wp-content/uploads/2026/04/CM-Dhami-4-Year-Journey-2026-2-Min-1.mp4

Sajani Pandey Editor newslive24x7.com

Prem Nagar Bazar Doiwala Dehradun
Prem Nagar Bazar Doiwala Dehradun Doiwala, PIN- 248140
9760097344
© 2026 News Live 24x7| Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?