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ऋषिकेश की साहसी बिटिया नीरजा गोयल मैराथन में विजेता

सायनोटेक दून मानसून "रन अंगेस्ट ड्रग" के व्हीलचेयर यूजर दिव्यांग खिलाड़ियों में शामिल हुईं

देहरादून। साहस का दूसरा नाम, ऋषिकेश की बिटिया नीरजा गोयल ने थ्रिलर जोन सोसाइटी की ओर से आयोजित मैराथन सायनोटेक दून मानसून “रन अंगेस्ट ड्रग” के व्हीलचेयर यूजर दिव्यांग खिलाड़ी वर्ग में प्रथम स्थान हासिल किया। नीरजा पैरा ओलंपिक बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। नीरजा सामाजिक कार्यों में भी सबसे आगे रहती हैं।

इस मैराथन का आयोजन कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने किया था। खिलाड़ियों ने मैराथन के माध्यम से नशा मुक्ति का सन्देश दिया। कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी जी ने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया।

इस मैराथन में प्रत्येक वर्ग के खिलाड़ियों के साथ साथ दिव्यांग खिलाड़ियों ने भी प्रतिभाग किया। व्हीलचेयर यूजर दिव्यांग खिलाड़ियों मे नीरजा गोयल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। उनकी छोटी बहन नूपुर गोयल ने पांच किमी मैराथन में मेडल हासिल किया। इस अवसर पर थ्रिलर जोन सोसायटी की निदेशक नेहा शर्मा, पीसी कुशवाहा, उदित हांडा, गौरव निहाल जी आदि उपस्थित रहे

Rajesh Pandey

राजेश पांडेय, देहरादून (उत्तराखंड) के डोईवाला नगर पालिका के निवासी है। पत्रकारिता में  26 वर्ष से अधिक का अनुभव हासिल है। लंबे समय तक हिन्दी समाचार पत्रों अमर उजाला, दैनिक जागरण व हिन्दुस्तान में नौकरी की, जिनमें रिपोर्टिंग और एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में हिन्दुस्तान से मुख्य उप संपादक के पद से त्यागपत्र देकर बच्चों के बीच कार्य शुरू किया।   बच्चों के लिए 60 से अधिक कहानियां एवं कविताएं लिखी हैं। दो किताबें जंगल में तक धिनाधिन और जिंदगी का तक धिनाधिन के लेखक हैं। इनके प्रकाशन के लिए सही मंच की तलाश जारी है। बच्चों को कहानियां सुनाने, उनसे बातें करने, कुछ उनको सुनने और कुछ अपनी सुनाना पसंद है। पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।  अपने मित्र मोहित उनियाल के साथ, बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से डेढ़ घंटे के निशुल्क स्कूल का संचालन किया। इसमें स्कूल जाने और नहीं जाने वाले बच्चे पढ़ते थे, जो इन दिनों नहीं चल रहा है। उत्तराखंड के बच्चों, खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से ई पत्रिका का प्रकाशन किया।  बाकी जिंदगी की जी खोलकर जीना चाहते हैं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता - बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक और एलएलबी, मुख्य कार्य- कन्टेंट राइटिंग, एडिटिंग और रिपोर्टिंग

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