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National Milk Day: मिल्क मैन ऑफ इंडिया और श्वेत क्रांति को याद करने का दिन

गुवाहाटी में आयोजित समारोह में राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार 2023 भी प्रदान किए जाएंगे

देहरादून। भारत में राष्ट्रीय दूध दिवस प्रतिवर्ष 26 नवम्बर को मनाया जाता है। यह दिन भारत में श्वेत क्रांति के जनक डॉ. वर्गीस कुरियन, जिनको मिल्क मैन ऑफ इंडिया (Milk Man of India) कहा जाता है, को उनकी जयंती पर याद करने का अवसर है। श्वेत क्रांति (White revolution) या ऑपरेशन फ्लड (Operation flood) के एक सफल पहल थी, जिसने भारत को दुनिया के सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश बनाने के लिए कार्य किया।

1970 के दशक में शुरू की गई श्वेत क्रांति ने भारत को दूध उत्पादन में स्वायत्त बनाने का लक्ष्य रखा। डॉ. कुरियन के ‘ऑपरेशन फ्लड’ कार्यक्रम के नेतृत्व ने पूरे देश में डेयरी सहकारिता स्थापित करने और किसानों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

डॉ. वर्गीस कुरियन (Dr. Verghese Kurien) ने गुजरात में एक सहकारी आंदोलन की शुरुआत की, जो भारत में दूध विकास के लिए एक मॉडल बन गया। अमूल, जिसका पूरा नाम आनंद मिल्क यूनियन लिमिटेड है, ने वैश्विक रूप से सबसे बड़े और सफल डेयरी सहकारी बनने का मार्ग दिखाया।

डॉ. वर्गीस कुरियन ने अमूल सहकारी आंदोलन की स्थापना और विस्तार के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिससे भारत में दूध उत्पादन में वृद्धि हुई। राष्ट्रीय दूध दिवस एक ऐसा अवसर है, जो दूध और दूध उद्योग के महत्व को स्वीकार करने और समर्पण करने के लिए है।

पूरे देश में राष्ट्रीय दूध दिवस के मौके पर विभिन्न कार्यक्रम, सेमिनार और गतिविधियों का आयोजन किया जाता है, जिसमें डॉ. वर्गीस कुरियन के उपलब्धियों और योगदानों को याद किया जाता है और दूध के पोषण मूल्य के बारे में जागरूकता बढ़ाई जाती है।

यह दिन डेयरी किसानों की कड़ी मेहनत की पहचान करने और मान्यता देने का समय भी होता है। यह दिन दूध उद्योग में काम करने वालों और कर्मचारियों के प्रयासों को मान्यता प्रदान करने के रूप में भी कार्य करता है।

पशुपालन और डेयरी विभाग 26 नवंबर, 2023 को गुवाहाटी में पशु चिकित्सा महाविद्यालय के प्रांगण में “राष्ट्रीय दुग्ध दिवस 2023” मना रहा है। इस कार्यक्रम में प्रतिष्ठित राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार 2023 भी प्रदान किए जाएंगे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि केंद्रीय मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री परषोत्तम रूपाला होंगे। मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री डॉ. संजीव कुमार बालियान और असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश के पशुपालन राज्य मंत्री भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।

कार्यक्रम के दौरान, नवीन प्रौद्योगिकियों, पशुधन उत्पादों और सेवाओं को प्रदर्शित करने वाली एक प्रदर्शनी और पूर्वोत्तर (एनईआर) राज्यों के लिए चारा कार्यनीति तैयार करने पर विशेष जोर देने के साथ फ़ीड और चारे पर ध्यान केंद्रित करने वाला एक तकनीकी सत्र आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में A-HELP (Accredited Agent for Health and Extension of Livestock Production) कार्यक्रम को राज्य स्तरीय लांच किया जाएगा। यह कार्यक्रम राज्य पशुपालन विभाग, असम पशुधन विकास बोर्ड और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से आयोजित किया जाएगा और इस कार्यक्रम में प्रतिष्ठित राष्ट्रीय गोपाल रत्न पुरस्कार 2023 भी प्रदान किए जाएंगे।

National Milk Day in India is celebrated on November 26th each year. This special day honours the 102nd birth anniversary of Dr. Verghese, the “Father of the White Revolution in India,” highlighting the achievement and importance of the dairy sector in our country.

The White Revolution was a successful initiative that transformed India from being a milk-deficient nation to becoming the largest milk producer in the world.

The White Revolution, launched in the 1970s, aimed at making India self-sufficient in milk production. Dr. Kurien’s leadership of the Operation Flood program played a crucial role in establishing dairy cooperatives across the country, empowering farmers and boosting milk production.

Dr. Verghese Kurien played a pivotal role in establishing and expanding the Amul cooperative movement, which significantly contributed to the growth of the dairy industry in India.

National Milk Day is an occasion to recognize and celebrate the importance of milk and the dairy sector in the country’s development. Various events, seminars, and activities are organized across the country to mark National Milk Day, highlighting the achievements and contributions of Dr. Verghese Kurien and promoting awareness about the nutritional value of milk. Additionally, the day serves as a platform to acknowledge the efforts of dairy farmers and workers in the dairy industry.

The Department of Animal Husbandry and Dairying is celebrating “National Milk Day 2023” tomorrow in College ground of Veterinary College in Guwahati.

Union Minister of Fisheries, Animal Husbandry and Dairying Shri. Parshottam Rupala will be the Chief Guest of the event. Minister of State for Fisheries, Animal Husbandry, and Dairying Dr. Sanjeev Kumar Balyan and the state Ministers for Animal Husbandry, Assam, Meghalaya and Arunachal Pradesh will also grace the occasion.

Union Secretary, Department of Animal Husbandry and Dairying Smt. Alka Upadhyaya along with Senior officials will participate the event. During the event, an exhibition showcasing innovative technologies, livestock products and services and a technical session focusing on feed and fodder with a special emphasis on formulating a fodder strategy for NER states. The state level launch of A-HELP (Accredited Agent for Health and Extension of Livestock Production) programme is also scheduled in the event.

The event will be organized in collaboration with the State Animal Husbandry Department, Assam Livestock Development Board, and NDDB and the prestigious National Gopal Ratna Awards 2023 will also be conferred in this event.

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राजेश पांडेय, देहरादून (उत्तराखंड) के डोईवाला नगर पालिका के निवासी है। पत्रकारिता में  26 वर्ष से अधिक का अनुभव हासिल है। लंबे समय तक हिन्दी समाचार पत्रों अमर उजाला, दैनिक जागरण व हिन्दुस्तान में नौकरी की, जिनमें रिपोर्टिंग और एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में हिन्दुस्तान से मुख्य उप संपादक के पद से त्यागपत्र देकर बच्चों के बीच कार्य शुरू किया।   बच्चों के लिए 60 से अधिक कहानियां एवं कविताएं लिखी हैं। दो किताबें जंगल में तक धिनाधिन और जिंदगी का तक धिनाधिन के लेखक हैं। इनके प्रकाशन के लिए सही मंच की तलाश जारी है। बच्चों को कहानियां सुनाने, उनसे बातें करने, कुछ उनको सुनने और कुछ अपनी सुनाना पसंद है। पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।  अपने मित्र मोहित उनियाल के साथ, बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से डेढ़ घंटे के निशुल्क स्कूल का संचालन किया। इसमें स्कूल जाने और नहीं जाने वाले बच्चे पढ़ते थे, जो इन दिनों नहीं चल रहा है। उत्तराखंड के बच्चों, खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से ई पत्रिका का प्रकाशन किया।  बाकी जिंदगी की जी खोलकर जीना चाहते हैं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता - बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक और एलएलबी, मुख्य कार्य- कन्टेंट राइटिंग, एडिटिंग और रिपोर्टिंग

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