देहरादून। देहरादून में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, हमारे पहाड़, हमारी संस्कृति, आस्था के गढ़ तो हैं ही, ये हमारे देश की सुरक्षा के भी किले हैं।
आज मुझे बहुत खुशी है कि दिल्ली-देहरादून इकॉनॉमिक कॉरिडोर का शिलान्यास हो चुका है। जब ये बनकर तैयार हो जाएगा तो, दिल्ली से देहरादून आने-जाने में जो समय लगता है, वो करीब-करीब आधा हो जाएगा।
उन्होंने कहा, पहाड़ों में रहने वालों का जीवन सुगम बनाना देश की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। दुर्भाग्य से दशकों तक जो सरकार में रहे, उनकी नीति-रणनीति में दूर-दूर तक ये चिंतन कहीं था ही नहीं।
उन्होंने कहा, साल 2007 से 2014 के बीच जो केंद्र की सरकार थी, उसने सात साल में उत्तराखंड में केवल 288 किलोमीटर नेशनल हाईवे बनाए। जबकि हमारी सरकार ने अपने सात साल में उत्तराखंड में 2 हजार किलोमीटर से अधिक लंबाई के नेशनल हाईवे का निर्माण किया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, वन रैंक – वन पेंशन हो, आधुनिक अस्त्र-शस्त्र हो, आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देना हो, जैसे उन लोगों ने हर स्तर पर सेना को हतोत्साहित करने की कसम खा रखी थी। आज जो सरकार है वो दुनिया के किसी देश के दबाव में नहीं आ सकती। हम राष्ट्र प्रथम, सदैव प्रथम के मंत्र पर चलने वाले लोग हैं।
सीमावर्ती पहाड़ी क्षेत्रों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी पहले की सरकारों ने उतनी गंभीरता से काम नहीं किया, जितना करना चाहिए था। बॉर्डर के पास सड़कें बनें, पुल बनें, इस ओर उन्होंने ध्यान नहीं दिया।
उन्होंने कहा, इन राजनीतिक दलों ने एक और तरीका अपनाया। उनकी विकृति का एक रूप ये भी है कि जनता को मजबूत नहीं, उन्हें मजबूर बनाओ, अपना मोहताज बनाओ। इस विकृत राजनीति का आधार रहा कि लोगों की आवश्यकताएं पूरी ना करो, उन्हें आश्रित बनाकर रखो। कुछ राजनीतिक दलों द्वारा, समाज में भेद करके, सिर्फ एक तबके को, चाहे वो अपनी जाति का हो, किसी खास धर्म का हो, उसे ही कुछ देने का प्रयास हुआ, उसे वोटबैंक में बदल दिया गया।
These infrastructure projects will transform this decade as the decade of Uttarakhand and for these projects, I extend my wishes to the people of Uttarakhand: PM @narendramodi pic.twitter.com/Pf4VVDWPav
— PB-SHABD (@PBSHABD) December 4, 2021
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देहरादून। देहरादून में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, हमारे पहाड़, हमारी संस्कृति, आस्था के गढ़ तो हैं ही, ये हमारे देश की सुरक्षा के भी किले हैं।आज मुझे बहुत खुशी है कि दिल्ली-देहरादून इकॉनॉमिक कॉरिडोर का शिलान्यास हो चुका है। जब ये बनकर तैयार हो जाएगा तो, दिल्ली से देहरादून आने-जाने में जो समय लगता है, वो करीब-करीब आधा हो जाएगा।उन्होंने कहा, पहाड़ों में रहने वालों का जीवन सुगम बनाना देश की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। दुर्भाग्य से दशकों तक जो सरकार में रहे, उनकी नीति-रणनीति में दूर-दूर तक ये चिंतन कहीं था ही नहीं।उन्होंने कहा, साल 2007 से 2014 के बीच जो केंद्र की सरकार थी, उसने सात साल में उत्तराखंड में केवल 288 किलोमीटर नेशनल हाईवे बनाए। जबकि हमारी सरकार ने अपने सात साल में उत्तराखंड में 2 हजार किलोमीटर से अधिक लंबाई के नेशनल हाईवे का निर्माण किया है।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, वन रैंक – वन पेंशन हो, आधुनिक अस्त्र-शस्त्र हो, आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देना हो, जैसे उन लोगों ने हर स्तर पर सेना को हतोत्साहित करने की कसम खा रखी थी। आज जो सरकार है वो दुनिया के किसी देश के दबाव में नहीं आ सकती। हम राष्ट्र प्रथम, सदैव प्रथम के मंत्र पर चलने वाले लोग हैं।सीमावर्ती पहाड़ी क्षेत्रों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी पहले की सरकारों ने उतनी गंभीरता से काम नहीं किया, जितना करना चाहिए था। बॉर्डर के पास सड़कें बनें, पुल बनें, इस ओर उन्होंने ध्यान नहीं दिया।उन्होंने कहा, इन राजनीतिक दलों ने एक और तरीका अपनाया। उनकी विकृति का एक रूप ये भी है कि जनता को मजबूत नहीं, उन्हें मजबूर बनाओ, अपना मोहताज बनाओ। इस विकृत राजनीति का आधार रहा कि लोगों की आवश्यकताएं पूरी ना करो, उन्हें आश्रित बनाकर रखो। कुछ राजनीतिक दलों द्वारा, समाज में भेद करके, सिर्फ एक तबके को, चाहे वो अपनी जाति का हो, किसी खास धर्म का हो, उसे ही कुछ देने का प्रयास हुआ, उसे वोटबैंक में बदल दिया गया।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, दुर्भाग्य से, इन राजनीतिक दलों ने लोगों में ये सोच पैदा कर दी कि सरकार ही हमारी माई-बाप है, जब सरकार से मिलेगा, तभी हमारा गुजारा चलेगा। यानि एक तरह से देश के सामान्य मानवी का स्वाभिमान, उसका गौरव कुचल दिया गया, उसे आश्रित बना दिया गया और दुखद ये कि उसे पता भी नहीं चला। हमने कहा कि जो भी योजनाएं लाएंगे , सबके लिए लाएंगे, बिना भेदभाव के लाएंगे। हमने वोटबैंक की राजनीति को आधार नहीं बनाया बल्कि लोगों की सेवा को प्राथमिकता दी। हमारी अप्रोच रही कि देश को मजबूती देनी है।प्रधानमंत्री ने कहा, इस सोच, इस अप्रोच से अलग, हमने एक अलग रास्ता चुना। कठिन मार्ग है, मुश्किल है, लेकिन देशहित में है, देश के लोगों के हित में है। ये मार्ग है – सबका साथ-सबका विकास। आज़ादी के इस अमृत काल में, देश ने जो प्रगति की रफ़्तार पकड़ी है, वो अब रुकेगी नहीं, थमेगी नहीं, थकेगी नहीं, बल्कि और अधिक विश्वास और संकल्पों के साथ आगे बढ़ेगी।उन्होंने देवभूमि उत्तराखंड के गौरव पर एक कविता सुनाई-मंडवे की रोटीहुड़के की थापहर एक मन करताशिवजी का जापऋषि मुनियों की है ये तपो भूमिकितने वीरों की ये जन्म भूमिमैं तुमको शीश नवाता हूँऔर धन्य धन्य हो जाता हूँ:जहाँ अंजुली में गंगा जल होजहाँ हर एक मन बस निश्छल होजहाँ गाँव गाँव में देश भक्तजहाँ नारी में सच्चा बल होउस देवभूमि का आशीर्वाद लिएमैं चलता जाता हूँउस देवभूमि का आशीर्वादमैं चलता जाता हूँहै भाग्य मेरासौभाग्य मेरामैं तुमको शीश नवाता हूँतुम आँचल हो भारत माँ काजीवन की धूप में छाँव हो तुमबस छूने से ही तर जाएँसबसे पवित्र वो धरा हो तुमबस लिए समर्पण तन मन सेमैं देव भूमि में आता हूँमैं देव भूमि में आता हूँहे भाग्य मेरासौभाग्य मेरामैं तुमको शीश नवाता हूँ:जहाँ पवन बहे संकल्प लिए,जहाँ पर्वत गर्व सिखाते हैं,जहाँ ऊँचे नीचे सब रस्तेबस भक्ति के सुर में गाते हैंउस देव भूमि के ध्यान से हीउस देव भूमि के ध्यान से हीमैं सदा धन्य हो जाता हूँहै भाग्य मेरा,सौभाग्य मेरा,मैं तुमको शीश नवाता हूँ:




