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उत्तराखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष डा. इंदिरा हृदयेश का निधन

देहरादून। उत्तराखंड की वरिष्ठ कांग्रेस नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश का आज रविवार को दिल्ली में निधन हो गया। वह 80 वर्ष की थीं।
उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने दिवंगत की आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवारजनों को धैर्य प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. इंदिरा हृदयेश ने चार दशक से यूपी से लेकर उत्तराखंड की राजनीति में बड़ी भूमिका निभाई। कुशल प्रशासक, वरिष्ठ राजनीतिज्ञ व संसदीय ज्ञान की जानकार इंदिरा हृदयेश जी से उनका परिचय दशकों पुराना रहा है।
उनसे सदा मुझे बड़ी बहन जैसी आत्मीयता मिली। विधानसभा में जनहित के मुद्दे उठाने में सदा अग्रणी रहती थीं। मैं इस कठिन समय में उनके परिजनों व समर्थकों के प्रति अपनी सांत्वना व्यक्त करता हूँ।“
उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष डाॅ. इन्दिरा हृदयेश का निधन उत्तराखंड प्रदेश एवं कांग्रेस पार्टी की अपूर्णीय क्षति है। उनके निधन से राजनीति में जो स्थान रिक्त हुआ है, उसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती।
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राजेश पांडेय, देहरादून (उत्तराखंड) के डोईवाला नगर पालिका के निवासी है। पत्रकारिता में  26 वर्ष से अधिक का अनुभव हासिल है। लंबे समय तक हिन्दी समाचार पत्रों अमर उजाला, दैनिक जागरण व हिन्दुस्तान में नौकरी की, जिनमें रिपोर्टिंग और एडिटिंग की जिम्मेदारी संभाली। 2016 में हिन्दुस्तान से मुख्य उप संपादक के पद से त्यागपत्र देकर बच्चों के बीच कार्य शुरू किया।   बच्चों के लिए 60 से अधिक कहानियां एवं कविताएं लिखी हैं। दो किताबें जंगल में तक धिनाधिन और जिंदगी का तक धिनाधिन के लेखक हैं। इनके प्रकाशन के लिए सही मंच की तलाश जारी है। बच्चों को कहानियां सुनाने, उनसे बातें करने, कुछ उनको सुनने और कुछ अपनी सुनाना पसंद है। पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाना चाहते हैं।  अपने मित्र मोहित उनियाल के साथ, बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से डेढ़ घंटे के निशुल्क स्कूल का संचालन कर रहे हैं। इसमें स्कूल जाने और नहीं जाने वाले बच्चे पढ़ते हैं। उत्तराखंड के बच्चों, खासकर दूरदराज के इलाकों में रहने वाले बच्चों के लिए डुगडुगी नाम से ई पत्रिका का प्रकाशन करते हैं।  बाकी जिंदगी की जी खोलकर जीना चाहते हैं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता - बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक और एलएलबी, मुख्य कार्य- कन्टेंट राइटिंग, एडिटिंग और रिपोर्टिंग

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