देहरादून। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत राजकीय प्राथमिक विद्यालय धोबीघाट, दुगड्डा में आयोजित रात्रि चौपाल में वर्चुअल तरीके से शामिल हुए। चौपाल में आई 21 में से 17 समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।
मुख्यमंत्री तीरथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं का दिन रात एक करके समाधान करना है। सभी जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और अन्य अधिकारी दूरस्थ क्षेत्रों में रात्रि विश्राम कर चौपाल के माध्यम से लोगों की समस्याओं का समाधान करें।
रात्रि चौपाल में ब्लॉक प्रमुख रूचि कैन्तुरा ने दुगड्डा में मोबाइल कनेक्टीविटी नहीं होने की शिकायत की, जिस पर मुख्यमंत्री ने एक सप्ताह में सर्वे करा कर समस्या का निराकरण करने के निर्देश दिए।
महिला स्वयं सहायता समूह ने मुख्यमंत्री को सब्जी उत्पादन एवं विक्रय में आ रही समस्याओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने उद्यान विभाग के अधिकारियों को कैम्प लगाकर राज्य सरकार की योजनाओं से रूबरू कराकर जनता में जागरूकता लाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वरोजगार एवं स्वयं सहायता समूहों के लिए कई योजनाएं चला रही है। बीज एवं कृषि यंत्रों में सब्सिडी दी जा रही है, बिना ब्याज के ऋण मुहैया कराया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने दुगड्डा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं सहित महिला चिकित्सक की कमी संबंधी शिकायत का संज्ञान लेते हुए तुरन्त इस पर कार्यवाही के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाओं को सुधारने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं तथा स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों के लिए शीघ्र अधियाचन भेजे जाएं।
मुख्यमंत्री तीरथ ने चौपाल में आई सभी समस्याओं को अधिकारियों से गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता को किसी भी कार्य के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी।
Key Words: Virtual Public Meetings at Night, Officer’s Night Halt in Villages of Uttarakhand, Vacancy in Government’s Hospitals, Uttarakhand Government, Health’s issues in Uttarakhand, Chief Minister of Uttarakhand, उत्तराखंड के सरकारी अस्पतालों में रिक्त पदों की संख्या, उत्तराखंड में स्वास्थ्य सेवाएं, उत्तराखंड में स्वास्थ्य सुविधाएं, गांवों में रात्रि चौपाल, उत्तराखंड में महिलाओं के लिए योजनाएं
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देहरादून। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत राजकीय प्राथमिक विद्यालय धोबीघाट, दुगड्डा में आयोजित रात्रि चौपाल में वर्चुअल तरीके से शामिल हुए। चौपाल में आई 21 में से 17 समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया।मुख्यमंत्री तीरथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता की समस्याओं का दिन रात एक करके समाधान करना है। सभी जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी और अन्य अधिकारी दूरस्थ क्षेत्रों में रात्रि विश्राम कर चौपाल के माध्यम से लोगों की समस्याओं का समाधान करें।
किसी भी समस्या के समाधान में एक माह से ज्यादा समय नही लगना चाहिए। राज्य में जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को 75 दिन का वर्क प्लान बनाने के निर्देश दिए गए।रात्रि चौपाल में ब्लॉक प्रमुख रूचि कैन्तुरा ने दुगड्डा में मोबाइल कनेक्टीविटी नहीं होने की शिकायत की, जिस पर मुख्यमंत्री ने एक सप्ताह में सर्वे करा कर समस्या का निराकरण करने के निर्देश दिए।महिला स्वयं सहायता समूह ने मुख्यमंत्री को सब्जी उत्पादन एवं विक्रय में आ रही समस्याओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने उद्यान विभाग के अधिकारियों को कैम्प लगाकर राज्य सरकार की योजनाओं से रूबरू कराकर जनता में जागरूकता लाने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार स्वरोजगार एवं स्वयं सहायता समूहों के लिए कई योजनाएं चला रही है। बीज एवं कृषि यंत्रों में सब्सिडी दी जा रही है, बिना ब्याज के ऋण मुहैया कराया जा रहा है।मुख्यमंत्री ने दुगड्डा क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं सहित महिला चिकित्सक की कमी संबंधी शिकायत का संज्ञान लेते हुए तुरन्त इस पर कार्यवाही के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि आज ही उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाओं को सुधारने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं तथा स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पदों के लिए शीघ्र अधियाचन भेजे जाएं।मुख्यमंत्री तीरथ ने चौपाल में आई सभी समस्याओं को अधिकारियों से गंभीरता से लेने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता को किसी भी कार्य के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी।



