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Indian solar energy storage device: भारतीय वैज्ञानिकों की बड़ी उपलब्धि,अब एक ही डिवाइस धूप भी सोखेगी और बिजली भी बचाएगी!

Indian solar energy storage device: नई दिल्ली/बेंगलुरु, 3 फरवरी 2026ः भारत के वैज्ञानिकों ने सौर ऊर्जा (Solar Energy) की दुनिया में एक क्रांतिकारी खोज की है। इसे विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के अंतर्गत आने वाले ‘सेंटर फॉर नैनो एंड सॉफ्ट मैटर साइंसेज’ (CeNS), बेंगलुरु के वैज्ञानिकों द्वारा विकसित किया गया है। यह खास डिवाइस सूरज की रोशनी से बिजली बनाती भी है और उसे अपने अंदर जमा (Store) भी कर लेती है। इसे ‘फोटो-रिचार्जेबल सुपरकैपेसिटर’ (Photo-rechargeable Supercapacitor) नाम दिया गया है।

Indian solar energy storage device: अभी तक हमें सौर ऊर्जा इस्तेमाल करने के लिए दो अलग-अलग चीजों की जरूरत पड़ती थी, एक ‘सोलर पैनल’ बिजली बनाने के लिए और दूसरा ‘बैटरी’ उस बिजली को स्टोर करने के लिए। वैज्ञानिकों की इस नई खोज ने इन दोनों को मिलाकर एक सिंगल यूनिट बना दिया है।

Indian solar energy storage device: पैनल और बैटरी अलग-अलग न होने के कारण बिजली का नुकसान (Energy Loss) बहुत कम होगा। यह डिवाइस आकार में बहुत छोटी है, जिससे भविष्य में मोबाइल और स्मार्ट वॉच जैसे गैजेट्स बिना चार्जर के खुद धूप से चार्ज हो सकेंगे। टेस्ट में पाया गया कि यह डिवाइस सूरज की रोशनी में 54% ज्यादा ऊर्जा स्टोर कर सकती है। साथ ही, इसे 10,000 बार चार्ज-डिस्चार्ज करने के बाद भी यह खराब नहीं होती। यह डिवाइस न केवल तेज धूप, बल्कि घर के अंदर की हल्की रोशनी में भी काम करने में सक्षम है।

इस तकनीक के आने से आने वाले समय में हमें भारी-भरकम सोलर सिस्टम और महंगी बैटरियों से छुटकारा मिल सकता है। डॉ. कविता पांडे के नेतृत्व में हुई यह रिसर्च वियरेबल गैजेट्स (जैसे फिटनेस बैंड) और दूर-दराज के गांवों, जहाँ बिजली नहीं पहुँचती, वहां के लिए वरदान साबित होगी।

Rajesh Pandey

newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344

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