
India’s First Hydrogen Train Trial: नई दिल्ली/जींद , 7 जनवरी, 2026ः भारतीय रेलवे ने शून्य कार्बन उत्सर्जन (Zero Carbon Emission) के लक्ष्य की ओर एक क्रांतिकारी कदम बढ़ाया है। देश की पहली हाइड्रोजन फ्यूल से चलने वाली ट्रेन पूरी तरह तैयार हो चुकी है और अब इसके पटरी पर उतरने की तैयारी हो गई है। लखनऊ स्थित रेलवे अभिकल्प, विकास एवं मानक संगठन (RDSO) के तकनीकी विशेषज्ञों ने सुरक्षा और संचालन के मानकों पर ट्रेन का परीक्षण शुरू कर दिया है। तकनीकी अधिकारी फिलहाल ट्रेन संचालन को लेकर हर बारीक पहलू पर काम कर रहे हैं। इस विशेषज्ञ टीम ने ट्रेन की टेस्टिंग की।
“उत्तर रेलवे को उम्मीद है कि इस महीने के अंत तक 89 किलोमीटर लंबे जींद-सोनीपत रूट पर देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा।”
जींद-सोनीपत रूट पर दौड़ेगी ट्रेन
India’s First Hydrogen Train Trial: उत्तर रेलवे के अधिकारियों के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी ट्रेन का संचालन हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच किया जाएगा। इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत जींद में स्थापित किया गया 3,000 किलोग्राम क्षमता का हाइड्रोजन प्लांट है, जो देश का सबसे बड़ा प्लांट है। यह प्लांट अब कमीशनिंग के अंतिम चरण में है और 24 घंटे कार्य करेगा।
India’s First Hydrogen Train Trial: ट्रेन के ईंधन (हाइड्रोजन) उत्पादन में कोई रुकावट न आए, इसके लिए हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने विशेष समीक्षा बैठक की। उन्होंने दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम को निर्देश दिए हैं कि:
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हाइड्रोजन प्लांट को 11 केवी की स्थिर और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
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भविष्य की जरूरतों के लिए बैकअप व्यवस्था और त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र (Quick Response System) को मजबूत रखा जाए।
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परियोजना में बिजली संबंधी किसी भी बाधा को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
तकनीकी परीक्षण और RDSO की भूमिका
RDSO की विशेषज्ञ टीम वर्तमान में ट्रेन के संचालन से जुड़े हर बारीक पहलू की जांच कर रही है। इसमें हाइड्रोजन ईंधन सेल की कार्यक्षमता, ट्रेन की गति का संतुलन और सुरक्षा प्रोटोकॉल शामिल हैं। यह ट्रेन न केवल पर्यावरण के अनुकूल है, बल्कि डीजल इंजन की तुलना में काफी शांत और आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस है।
परियोजना की खास बातें:
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ईंधन: पूरी तरह हाइड्रोजन आधारित (प्रदूषण मुक्त)।
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प्लांट क्षमता: 3000 किलो भंडारण (देश में सबसे बड़ा)।
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रूट: जींद से सोनीपत (हरियाणा)।
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तकनीकी निगरानी: आरडीएसओ (RDSO), लखनऊ।













