आईआईटी रुड़की ने मानव भारती  में चलाया सड़क सुरक्षा अभियान

Rajesh Pandey
आईआईटी छात्रों ने स्कूल में बच्चों को लघु नाटिका और प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जागरूक किया

देहरादून। आईआईटी रुड़की के छात्रों ने मानव भारती स्कूल में लघु नाटिकाओं के माध्यम से बच्चों को सड़क सुरक्षा के लिए जागरूक किया। इंजीनियरिंग छात्रों ने एक प्रस्तुतीकरण और संवाद कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को ट्रैफिक के नियमों एवं चिन्हों की जानकारी दी।

एफकॉन इंडिया और आईआईटी रुड़की की सड़क सुरक्षा परियोजना के तहत आईआईटी रुड़की की प्रोफेसर आशु खन्ना के मार्गदर्शन में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आईआईटी रुड़की की प्रोफेसर डॉक्टर आशु खन्ना,  रिसर्च स्कॉलर सौरभ चौरसिया और एफकॉन इंडिया की बिजनेस एनालिस्ट स्नेहलता के निर्देशन में इंजीनियरिंग छात्रों ने कक्षा चार से छह तक के बच्चों के सामने बहुत सरल संवाद में ट्रैफिक रूल्स के महत्व को समझाते हुए लघु नाटिकाएं प्रस्तुत कीं। इन नाटिकाओं में ट्रैफिक के नियमों को तोड़ने, तेज गति से वाहन चलाने तथा हेलमेट, सीट बेल्ट जैसे सुरक्षा उपायों पर ध्यान नहीं देने के खराब परिणामों को बताया गया।

इस दौरान ट्रैफिक रूल्स और चिह्नों से संबंधित जानकारी के सर्वे के लिए प्रश्नोत्तर पुस्तिकाएं बच्चों में वितरित की गईं, जिनमें बच्चों ने अपनी जानकारी के अनुसार जवाब दिए। इस सर्वे से बच्चों में ट्रैफिक एवं सड़क सुरक्षा संबंधित जागरूकता का पता चलेगा।

आईआईटी के छात्रों ने एक प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया, जिसके माध्यम से बच्चों को बताया गया कि वाहन चलाने के लिए न्यूनतम आयु क्या है। उन्होंने हेलमेट पहनने, सीट बेल्ट लगाने, स्पीड संबंधी निर्देशों का पालन करने, निर्धारित स्पीड में ही वाहन चलाने आदि के बारे में बच्चों से संवाद किया।

मानव भारती स्कूल से प्रधानाचार्य अजय गुप्ता ने जागरूकता अभियान टीम के सदस्यों को पौधे भेंट करके सम्मानित किया। कार्यक्रम के संचालन में शिक्षिका सुचिता कोठारी, पूनम ढौंडियाल, कृतिका, नीलम कुकरेती आदि ने सहयोग प्रदान किया।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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