Kharif crops awareness: ICAR-IISWC किसानों को खरीफ फसलों की तैयारी पर किया जागरूक

Rajesh Pandey

ICAR-IISWC Kharif crops awareness: देहरादून, 30 मई 2025:  केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय और आईसीएआर, नई दिल्लीसे संचालित ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ (29 मई – 12 जून 2025) के तहत, आईसीएआर-भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान (ICAR-IISWC), देहरादून के वैज्ञानिकों की टीमों ने शुक्रवार को 21 गांवों का दौरा किया। यह कार्यक्रम ICAR-IISWC के निदेशक डॉ. एम. मधु के मार्गदर्शन में संचालित हो रहा है।

इन टीमों ने लगभग 950 किसानों के साथ सीधा संवाद किया, उन्हें खरीफ फसलों के लिए ज़रूरी सावधानियों और ICAR-IISWC तथा राज्य के संबंधित विभागों से उपलब्ध कराए जा रहे बीज व तकनीकी सहायता के बारे में जागरूक किया।

वैज्ञानिक टीमों ने कृषि परामर्श सेवाओं (एग्री-एडवायजरी) पर विशेष ज़ोर दिया और भारत सरकार व राज्य सरकारों की उन विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी, जो लघु किसानों, महिला किसानों, युवाओं और कृषि उद्यमियों जैसे कृषि समुदायों के सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई हैं।

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चर्चा के मुख्य बिंदु थे (ICAR-IISWC Kharif crops awareness)

  • कृषि में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना.
  • महिला किसानों की कृषि संबंधी कठिनाइयों को कम करना.
  • संस्थागत समर्थन तंत्रों का प्रभावी ढंग से उपयोग करना.
  • पर्वतीय क्षेत्रों में मानसूनी अस्थिरता के अनुरूप लचीली कृषि पद्धतियों को अपनाना.
  • बाढ़, जल अपरदन और भूमि क्षरण को कम करने, तथा फसल व पशुधन उत्पादन को सुरक्षित रखने के लिए तकनीकी उपायों को अपनाना.

यह जनसंपर्क कार्यक्रम डॉ. श्रीधर पात्र (प्रधान वैज्ञानिक), इंजीनियर एस.एस. श्रीमाली (वरिष्ठ वैज्ञानिक), डॉ. एम. शंकर (वरिष्ठ वैज्ञानिक), डॉ. इंदु रावत (वरिष्ठ वैज्ञानिक), डॉ. उदय मंडल (वरिष्ठ वैज्ञानिक), डॉ. रमन जीत सिंह (वरिष्ठ वैज्ञानिक), डॉ. अनुपम भार (वैज्ञानिक) और उनकी टीमों – जिसमें डॉ. सादिकुल इस्लाम, डॉ. अभिमन्यु झाझरिया, एम.एस. चौहान (सी.टी.ओ.), राकेश कुमार (सी.टी.ओ.), इंजीनियर यू.सी. तिवारी (एस.टी.ओ.), इंजीनियर प्रकाश सिंह (एस.टी.ओ.) एवं सोनू (टी.ए.) शामिल थे, के नेतृत्व में आयोजित किया गया।

इस दौरान टीमों ने 14 ग्राम पंचायतों को कवर किया, जिनमें इचला, बमराड़, स्माल्टा, लालवाला खालसा और नौकड़ा ग्रांट प्रमुख रहे। महिला और युवा किसानों सहित बड़ी संख्या में किसानों ने इस कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भाग लिया, जिससे यह सफल रहा।

पूरे 15-दिवसीय अभियान का समन्वय डॉ. बांके बिहारी (प्रधान वैज्ञानिक) कर रहे हैं, जिनका सहयोग डॉ. एम. मुरुगनंदम (प्रधान,  वैज्ञानिक), अनिल चौहान (सी.टी.ओ.), इंजीनियर अमित चौहान (ए.सी.टी.ओ.) एवं प्रवीण तोमर (एस.टी.ओ.) द्वारा किया जा रहा है।

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newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344
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