DigitalNews

Google AdSense Offerwall for Web Portals: आप वेबपोर्टल चलाते हैं, क्या आपके पास भी आया है गूगल एडसेंस का यह ई मेल

Google AdSense Offerwall for Web Portals: न्यूज लाइव डेस्क: अगर आप एक डिजिटल पब्लिशर हैं या अपना न्यूज़ वेबपोर्टल चलाते हैं, तो आज अपना इनबॉक्स जरूर चेक करें। गूगल एडसेंस (Google AdSense) ने पब्लिशर्स को एक महत्वपूर्ण ईमेल भेजना शुरू किया है। इस मेल का विषय है- “Explore the latest Offerwall format updates”यह ईमेल किस लिए है, इसका लाभ आपको कैसे हो सकता है, विस्तार से जानते हैं। इस ईमेल ने पब्लिशर्स के बीच हलचल मचा दी है, क्योंकि यह सीधे तौर पर आपकी वेबसाइट से होने वाली कमाई (Revenue) को बढ़ाने और बड़े मीडिया घरानों जैसा ‘Premium’ अनुभव देने से जुड़ा है।

क्या है गूगल का यह नया ‘Offerwall’ फीचर?

Google AdSense Offerwall for Web Portals: अक्सर जब आप बड़ी वेबसाइट्स पर जाते हैं, तो कुछ लेख पढ़ने के बाद आपको ‘Paywall’ दिखता है, जहाँ आगे पढ़ने के लिए पैसे देने पड़ते हैं। गूगल अब यही तकनीक छोटे और मध्यम पब्लिशर्स के लिए लाया है, लेकिन एक बड़े बदलाव के साथ। यहाँ पाठक को पैसे नहीं देने हैं, बल्कि लेख को ‘अनलॉक’ करने के लिए एक छोटा सा काम करना होगा, जैसे:

  1. Reward Ad: एक छोटा वीडियो विज्ञापन देखना।

  2. Email Entry: अपना ईमेल एड्रेस शेयर करना।

पब्लिशर्स के लिए क्यों है यह ‘बड़ी खुशखबरी’?

Google AdSense Offerwall for Web Portals: एडसेंस के अनुसार, इस नए Offerwall फॉर्मेट का eCPM (प्रति हजार विज्ञापन दिखाने पर होने वाली कमाई) सामान्य बैनर विज्ञापनों से कहीं ज्यादा है।

  • यूजर रिटेंशन: यह विज्ञापन तभी दिखता है जब यूजर आपके कंटेंट में रुचि दिखाता है।

  • बड़े ब्रांड्स जैसा लुक: इसे लगाने से आपकी वेबसाइट एक प्रोफेशनल और ‘Premium’ न्यूज़ पोर्टल जैसी लगने लगती है।

  • कंट्रोल आपके हाथ में: आप तय कर सकते हैं कि यूजर को 1, 2 या 3 लेख फ्री में पढ़ने देने के बाद यह ऑफर दिखाना है।

कैसे करें इसे सेटअप और ऑप्टिमाइज़?

अगर आपको भी यह मेल मिला है, तो आप अपने एडसेंस डैशबोर्ड में ‘Privacy & messaging’ सेक्शन में जाकर ‘Offerwall’ को एक्टिवेट कर सकते हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसे सही तरीके से “ऑप्टिमाइज़” करना जरूरी है ताकि पाठक आपकी साइट छोड़कर न जाएं।

शुरुआत में इसे “Soft Wall” की तरह इस्तेमाल करें, जहाँ यूजर के पास विज्ञापन देखने या उसे बंद करने (Close) का विकल्प हो। इससे आपका ट्रैफिक भी बना रहेगा और कमाई भी शुरू हो जाएगी।

गूगल का यह कदम साफ़ संकेत देता है कि आने वाले समय में केवल ‘बैनर एड्स’ पर निर्भर रहना काफी नहीं होगा। अगर आप अपनी पत्रकारिता और वेबपोर्टल को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना चाहते हैं, तो एडसेंस का यह ‘Offerwall’ मील का पत्थर साबित हो सकता है। यह आप पर निर्भर करता है कि आप इसे अपने वेबपोर्टल पर लागू करते हैं या नहीं। इस संबंध में अपने डेवलपर से सलाह जरूर लीजिएगा।

Rajesh Pandey

newslive24x7.com टीम के सदस्य राजेश पांडेय, उत्तराखंड के डोईवाला, देहरादून के निवासी और 1996 से पत्रकारिता का हिस्सा। अमर उजाला, दैनिक जागरण और हिन्दुस्तान जैसे प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों में 20 वर्षों तक रिपोर्टिंग और एडिटिंग का अनुभव। बच्चों और हर आयु वर्ग के लिए 100 से अधिक कहानियां और कविताएं लिखीं। स्कूलों और संस्थाओं में बच्चों को कहानियां सुनाना और उनसे संवाद करना जुनून। रुद्रप्रयाग के ‘रेडियो केदार’ के साथ पहाड़ के गांवों की अनकही कहानियां लोगों तक पहुंचाईं और सामुदायिक जागरूकता के लिए काम किया। रेडियो ऋषिकेश के शुरुआती दौर में लगभग छह माह सेवाएं दीं। ऋषिकेश में महिला कीर्तन मंडलियों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया। जीवन का मंत्र- बाकी जिंदगी को जी खोलकर जीना चाहता हूं, ताकि बाद में ऐसा न लगे कि मैं तो जीया ही नहीं। शैक्षणिक योग्यता: बी.एससी (पीसीएम), पत्रकारिता स्नातक, एलएलबी संपर्क: प्रेमनगर बाजार, डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड-248140 ईमेल: rajeshpandeydw@gmail.com फोन: +91 9760097344

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Check Also
Close
Back to top button